विधि संवाददाता/
लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी एवं अधिवक्ता कल्याण समिति के संघर्षशील नेतृत्वकर्ता अधिवक्ता अशोक कुमार झा की पुण्यतिथि मनाते हुए वकिलों ने तीनों महान विभूतियों के तैल चित्र पर पुष्पांजलि कर नमन किया ।
वकालतखाना भवन दरभंगा में वकिलों ने अधिवक्ता बिजय नारायण चौधरी और अधिवक्ता रमणजी चौधरी की अध्यक्षता में नमन समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर महान विभूतियों के तैल चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर वकिलों ने नमन किया ।मौके पर अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि दरभंगा के अधिवक्ता अशोक कुमार झा ने बिहार राज्य के सभी अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए युवा अधिवक्ता कल्याण समिति के बैनर तले संर्धषशील रहे।जिस वजह से राज्य सरकार ने एडवोकेट वेल्फेयर एक्ट बनाकर अधिवक्ताओं के कल्याणार्थ मार्ग प्रशस्त किया।
अशोक कुमार झा का पुण्य तिथि 31 अक्टूबर को है। देश की एकता व अखंडता के लिए समर्पित पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गाँधी की पुण्यतिथि एवं प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी वो 562 रियासतों को भारत में शामिल कराने वाले लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती भी 31 अक्टूबर को है। बिहार के अधिवक्ताओं को मेडिकल क्लेम, मृत्यु क्लेम नियमानुकल दिलाने के लिए अधिवक्ता अशोक कुमार झा ने युवा अधिवक्ता कल्याण समिति के बैनर तले तत्कालीन बिहार के 54 जिलों में व्यापक आंदोलन चलाये । इसके पश्चात बिहार राज्य सरकार ने एडवोकेट वेलफेयर कानून बनाई। तदनुसार बिहार के वकीलों को मेडिकल क्लेम और मृत्यु क्लेम की राशि मिलना शुरू हुआ ।
20 वर्ष पूर्व आज के ही दिन उनका मृत्यु हुआ था।बार एसोसिएशन दरभंगा के संयुक्त सचिव शिव शंकर झा ने कहा कि लोह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 562 रियासतों को स्वतंत्र भारत में शामिल कर देश की एकता कायम किया। 31 अक्टूबर को ही सरदार पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए बंगाल के लोगों को पूर्वी पाकिस्तान से मुक्ति दिलाते हुए स्वतंत्र राष्ट्र बंगला देश बनवा देने में महती भुमिका निभाई। नमन समारोह के अवसर पर अधिवक्ता बिरेन्द्र कुमार सिंह, मायाशंकर चौधरी, कुमार उत्तम, हिरानंद मिश्र, रामवृक्ष सहनी, चौधरी विधानंद राय, संतोष कुमार सिंहा, ब्रजेश कुमार चौधरी, श्याम कुमार झा, मनोज कुमार , सुधीर कुमार चौधरी, अनिल कुमार मिश्र सहित दर्जनों अधिवक्ता और अधिवक्ता लिपिक बिनय कुमार झा ने महान विभूतियों के तैल चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया।वहीं संकल्प लिया कि महान विभूतियों के बताये मार्ग पर अधिवक्ताओं, न्याय अतिथियों एवं राज्य व राष्ट्र हित में सदैव चिंतनशील और क्रियाशील रहेंगे।
