पूजा पंडालों एवं प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे साउंड उपयोग करने पर होगी प्राथमिकी दर्ज,
सभी थानाध्यक्षों को एसडीएम की ओर से मिला टॉस्क।डीजे साउंड संचालकों को उच्च न्यायालय एवं सरकार के गाइड लाइन से एसडीएम ने कराया अवगत।

बिरौल/दरभंगा

उच्च न्यायालय की ओर से प्रतिबंधित हाई फ्रिक्वेंसी वाले डीजे साउंड के संचालकों के साथ रविवार को एसडीएम उमेश कुमार भारती ने बैठक की। यह बैठक बिरौल थाना परिसर में अनुमंडल स्तर पर बुलाई गई थी। जिसमें सभी छह थाना एवं ओपी के प्रभारी के अलावा डीजे साउंड के संचालक उपस्थित थे। बैठक में एसडीएम ने उपस्थित डीजे सिस्टम साउंड संचालकों को उच्च न्यायालय के गाइड लाइन के आलोक में सरकार द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों का अनुपालन करना पदाधिकारियों का जिम्मेवारी होती है चूंकि पदाधिकारी सरकार के प्रतिनिधि होते हैं। एसडीएम ने कहा कि सरकार की ओर किये गए सर्वे एवं समिक्षा के अनुसार पर्व त्यौहार के दौरान पंडालों में हाई फ्रिक्वेंसी के डीजे साउंड के माध्यम से तेज आवाज पर गीत बजाते हैं। इस दौरान कमजोर हृदय वाले वैसे व्यक्ति के लिए यह साउंड जानलेवा सावित होने एवं इससे विधि व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना बनी रहती है। हांलाकि डीजे साउंड सिस्टम को लेकर पूर्व में कई जगहों पर विधि व्यवस्था भंग भी हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकारी आदेश का उल्लंघन करने वाले वैसे डीजे संचालाकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसके हाई फ्रिक्वेंसी वाले सिस्टम को जब्त कर ली जायेगी। उन्होंने कहा कि पूजा में लाउड स्पीकर उपयोग करने के लिए विधिवत लाइसेंस प्राप्त करना होगा। वहीं पुनि सह थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश झा ने कहा कि लाइसेंस प्राप्त करने के समय आवेदन में लाउड स्पीकर की संख्या उल्लेख करना होगा। बैठक के दौरान एसडीएम उमेश कुमार भारती ने अनुमंडल के सभी थानाध्यक्षों को सरकारी आदेश का उल्लंघन करने वाले वैसे डीजे साउंड संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने एवं डीजे सिस्टम को जब्त करने का निर्देश दिये। बैठक में बीडीओ प्रेम सागर मिश्र के अलावा कुशेश्वरस्थान के थानाध्यक्ष राकेश कुमार,बड़गांव ओपी प्रभारी श्याम कुमार मेहता एवं घनश्यामपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष संजीत कुमार, जमालपुर थाना के एस आई सहित तीन दर्जन से अधिक डीजे संचालक उपस्थित थे।