महाअष्टमी पर बिरौल अनुमंडल के दुर्गा मंदिरों में उमड़ा भक्ति का जनसैलाब, महिलाओं ने भरी खोइंच, कन्या पूजन, भोजन कर लिया आशीर्वाद

दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

शरदीय नवरात्र की महाअष्टमी तिथि पर रविवार को बिरौल अनुमंडल क्षेत्र के समस्त दुर्गा मंदिरों एवं पूजा पंडालों में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। सुबह से ही माता रानी के दर्शन और पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालुओं, विशेषकर महिला श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। संपूर्ण अनुमंडल क्षेत्र माता के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार एवं आरती भजन से गुंजायमान रहा। महाअष्टमी के पावन अवसर पर अनुमंडल के विभिन्न मंदिरों में महिला श्रद्धालुओं ने पूरे नियम-निष्ठा के साथ जगज्जननी माँ जगदम्बा को सूजी, अक्षत, सिंदूर, फल, नारियल और चुनरी अर्पित कर ‘खोंयेच’ भरा। महिलाओं ने माँ भगवती से अपने परिवार की सुख-समृद्धि, निरोगी काया, अखंड सौभाग्य और संतान की दीर्घायु की कामना की। सुबह से ही खोइंच भरने के लिए मंदिरों के गर्भगृह और प्रांगण में महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। अष्टमी तिथि का विशेष महत्व रखते हुए भक्तों द्वारा जगह-जगह कन्या पूजन का आयोजन किया गया। नौ दुर्गा के स्वरूप मानी जाने वाली नन्हीं-मुन्हीं कुमारी कन्याओं को आदर-पूर्वक आमंत्रित कर उनके पांव पखारे गए। इसके पश्चात उन्हें विविध प्रकार के सात्विक व्यंजन एवं प्रसाद (चुड़ा रही,पूरी, हलवा, खीर आदि) ग्रहण कराया गया। भोजनोपरांत सभी कन्याओं को यथाशक्ति वस्त्र, शृंगार सामग्री और दक्षिणा देकर उनके चरण स्पर्श कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया गया। अनुमंडल के सुपौल रामनगर, हाटगाछी, बलिया, शिवनगर घाट, डुमरी, उछटी, कमलपुर, घनश्यामपुर, पाली सहित दर्जनों छोटे-बड़े दुर्गा मंदिर परिसरों में भव्यता और उत्साह का माहौल बना रहा। रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजे पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। मेला समितियों एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु सुगमता पूर्वक माँ भगवती का दर्शन-पूजन कर सकें।