आईटीआई के छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा का पाठ, ठगी से बचने के बताए तरीके,

साइबर डीएसपी ने राजकीय आईटीआई कॉलेज में आयोजित किया जागरूकता सेमिनार, ओटीपी-पिन साझा नहीं करने की दी सलाह

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

साइबर अपराध के बढ़ते खतरे के बीच लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से दरभंगा साइबर थाना की ओर से गुरुवार को राजकीय आईटीआई कॉलेज, दरभंगा में साइबर सुरक्षा जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। पुलिस उपाधीक्षक, साइबर थाना ने सेमिनार के दौरान छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों, ऑनलाइन ठगी से बचाव और डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दी।

सेमिनार में बताया गया कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधी भी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी ऐप और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी से सतर्क रहने की जरूरत है। साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है।

ओटीपी और पासवर्ड साझा करना पड़ सकता है महंगा

पुलिस पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को सलाह दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने अथवा बिना जांच-पड़ताल के संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचें। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करते समय भी सावधानी बरतें, ताकि साइबर अपराधी उसका दुरुपयोग नहीं कर सकें।

सेमिनार के दौरान साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय पर शिकायत करने से ठगी की गई राशि को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ सकती है।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों से सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की गई। पुलिस का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक बनाना और साइबर अपराध पर अंकुश लगाने में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।