मनचलों की अब खैर नहीं,सड़क से स्कूल तक छात्राओं की सुरक्षा में जुटीं पुलिस दीदी,

लहेरियासराय थाना की महिला पुलिसकर्मी दो शिफ्ट में कर रहीं ड्यूटी, लड़कियों की सुरक्षा पर विशेष नजर

दस्तक 7 मीडिया दरभंगा 

लहेरियासराय थाना क्षेत्र मे सड़क,स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वाली लड़कियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क है। खासकर छात्राओं और महिलाओं को परेशान करने वाले मनचलों पर नजर रखने के लिए लहेरियासराय थाना की पुलिस दीदी घूम-घूमकर ड्यूटी कर रही हैं। उनका उद्देश्य है कि स्कूल-कॉलेज जाने वाली लड़कियां बिना किसी डर और परेशानी के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। रास्ते में किसी तरह की छेड़खानी या परेशान करने की घटना सामने आने पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई कर सके। लहेरियासराय थाना की पुलिस दीदी के रूप में पीटीसी सिपाही आराधना कुमारी,पुलिस कांस्टेबल बबीता कुमारी और पुलिस कांस्टेबल प्रिया कुमारी अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। ये महिला पुलिसकर्मी दो शिफ्ट में ड्यूटी करती हैं। सुबह सात बजे से नौ बजे तक और दोपहर दो बजे से लेकर रात नौ बजे तक उनकी ड्यूटी का समय निर्धारित बताया गया है। इस दौरान वे अपने निर्धारित क्षेत्रों में भ्रमण कर छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा पर नजर रखती हैं।

स्कूल जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

स्कूल खुलने और छुट्टी होने के समय सड़कों पर छात्राओं की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे समय में कुछ असामाजिक तत्व छात्राओं पर फब्तियां कसने,बेवजह पीछा करने या उन्हें परेशान करने की कोशिश करते हैं। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जाती है। पुलिस दीदी की ड्यूटी का उद्देश्य छात्राओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना और उन्हें यह भरोसा दिलाना है कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर पुलिस उनकी सहायता के लिए मौजूद है। महिला पुलिसकर्मियों के क्षेत्र में घूमने से असामाजिक तत्वों पर नजर रखने में भी मदद मिल सकती है।

मनचलों को दी जा रही है सख्त कार्रवाई की चेतावनी

सड़क पर चलने वाली लड़कियों और छात्राओं को परेशान करना,उनके साथ छेड़खानी करना या गलत व्यवहार करना कानून के खिलाफ है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने और आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है। इसलिए युवाओं को चाहिए कि वे किसी भी लड़की या महिला के साथ अभद्र व्यवहार न करें और सार्वजनिक स्थानों पर मर्यादा बनाए रखें। पुलिस की इस पहल का मकसद केवल कार्रवाई करना ही नहीं,बल्कि ऐसी घटनाओं को होने से पहले रोकना भी है। महिला पुलिसकर्मियों की सक्रियता से छात्राओं और उनके अभिभावकों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ सकता है। इसके साथ ही स्कूल-कॉलेजों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय लोगों और शिक्षण संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि कहीं असामाजिक तत्वों का जमावड़ा दिखाई देता है या छात्राओं को परेशान किए जाने की जानकारी मिलती है,तो इसकी सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए।