दो महीने बाद जागा शिक्षा विभाग, दस्तक 7 मीडिया की खबर के बाद शिक्षक निलंबित महिला शिक्षिकाओं से अनुचित व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों पर कार्रवाई, 45 दिनों में जांच रिपोर्ट देने का आदेश
दो महीने बाद जागा शिक्षा विभाग, दस्तक 7 मीडिया की खबर के बाद शिक्षक निलंबित महिला शिक्षिकाओं से अनुचित व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों पर कार्रवाई, 45 दिनों में जांच रिपोर्ट देने का आदेश
दो महीने बाद जागा शिक्षा विभाग, दस्तक 7 मीडिया की खबर के बाद शिक्षक निलंबित
महिला शिक्षिकाओं से अनुचित व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों पर कार्रवाई, 45 दिनों में जांच रिपोर्ट देने का आदेश
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
महिला शिक्षिका की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई करने के बजाय करीब दो महीने तक मामले को लटकाए रखने वाले शिक्षा विभाग ने आखिरकार विशिष्ट शिक्षक अरविन्द कुमार लाल देव को निलंबित कर दिया। मध्य विद्यालय देकुली चट्टी, बहादुरपुर में पदस्थापित शिक्षक के विरुद्ध यह कार्रवाई जिला शिक्षा पदाधिकारी, दरभंगा के आदेश से की गई है। हालांकि, इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली और महिला शिक्षिकाओं की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेने की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दस्तक 7 मीडिया की खबर के बाद हरकत में आए अधिकारी!
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि जब महिला शिक्षिका ने शिकायत की थी, तब शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या विभाग को किसी मीडिया संस्थान की खबर प्रकाशित होने का इंतजार था? आरोपों की गंभीरता को देखते हुए शिकायत मिलते ही निष्पक्ष जांच शुरू की जानी चाहिए थी। लेकिन कार्रवाई में हुई देरी के बाद अब विभागीय कदम उठाया गया है। दस्तक 7 मीडिया ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था।
इससे पहले मामले में लापरवाही को लेकर दरभंगा के एसएसपी ने सोनकी थानाध्यक्ष के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से भी संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई की गई। घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि शिकायत पर शुरुआत में ही गंभीरता दिखाई गई होती, तो क्या कार्रवाई के लिए मीडिया में मामला उठने और पुलिस प्रशासन के कदम का इंतजार करना पड़ता?
शिक्षक पर कई गंभीर आरोप
जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश के अनुसार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बहादुरपुर ने पत्रांक 611, दिनांक 30 सितंबर 2026 के माध्यम से अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए शिक्षक के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। रिपोर्ट में विद्यालय के प्रधानाध्यापक को बार-बार धमकी देने, विद्यालय से बच्चों को भगा देने, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक वातावरण प्रभावित करने, महिला शिक्षिकाओं के साथ अनुचित व्यवहार करने, उनकी तस्वीरें और वीडियो बनाने तथा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है।
इन आरोपों के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 9 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में अरविन्द कुमार लाल देव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही के अधीन कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, गौड़ाबौराम का कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा।
45 दिनों में जांच रिपोर्ट, अब जवाबदेही की बारी
विभागीय जांच के लिए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बहादुरपुर को उपस्थापन पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा, दरभंगा को संचालन पदाधिकारी नामित किया गया है। संचालन पदाधिकारी को 45 दिनों के भीतर विभागीय कार्यवाही पूरी कर स्पष्ट जांच प्रतिवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है। आरोप पत्र अलग से जारी किया जाएगा।
अब देखना होगा कि विभागीय जांच निर्धारित समय सीमा में पूरी होती है या मामला फिर फाइलों में उलझकर रह जाता है। महिला शिक्षिकाओं की सुरक्षा, विद्यालय के शैक्षणिक माहौल और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। निलंबन शुरुआती प्रशासनिक कदम है; आरोपों की अंतिम पुष्टि निष्पक्ष विभागीय जांच के बाद ही होगी।
दस्तक 7 मीडिया का सवाल
जब शिकायत पर कार्रवाई की जा सकती थी, तो इसमें इतनी देर क्यों हुई? क्या शिक्षा विभाग भविष्य में महिला शिक्षिकाओं की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेगा, ताकि किसी पीड़ित को न्याय के लिए मीडिया का दरवाजा खटखटाने की नौबत न आए?