भरवाड़ा में झिझिया नृत्य देखने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, देर शाम तक जमा रहा जनसैलाब
भरवाड़ा में झिझिया नृत्य देखने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, देर शाम तक जमा रहा जनसैलाब
भरवाड़ा में झिझिया नृत्य देखने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, देर शाम तक जमा रहा जनसैलाब
दस्तक 7 मीडिया विजय ठाकुर सिंहवाड़ा
सिंहवाड़ा / प्रखंड क्षेत्र के नगर पंचायत भरवाड़ा में इस बार दुर्गापूजा का नजारा बिल्कुल अलग है। पूजा के साथ साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले में चार चांद लगा दिया है। रविवार की शाम जैसे ही मिथिला के विलुप्त होते लोकनृत्य झिझिया की प्रस्तुति पूजा पंडाल में शुरू हुई पूरा दुर्गा पूजा पंडाल परिसर खचाखच भर गया। आलम यह था कि तिल रखने तक की जगह नहीं बची। शाम करीब सात बजे स्थानीय कलाकारी की टीम में ने मंच संभाला। सिर पर सैकड़ों छेद वाली मटकी उसमें जलता दीपक और उसके ऊपर संतुलन साधते हुए जब कलाकारों ने पारंपरिक गीत झिझिया झिझिया उगईले रे पर नृत्य शुरू किया तो लोग दांतों तले उंगली दबा लिये। लगभग एक घंटे तक चले इस नृत्य ने लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। बुजुर्गों की आंखें नम हो गईं तो युवाओं ने मोबाइल में इस पल को कैद कर लिया। स्वर्णकार शम्भू ठाकुर ने बताया की शहरों में बड़े-बड़े कार्यक्रम देखे हैं लेकिन अपनी मिट्टी का यह नृत्य देखकर जो आनंद आया वो कहीं नहीं मिला। पूजा समिति के अध्यक्ष हरिओम गुप्ता ने बताया कि आज की पीढ़ी डीजे और अश्लील गानों की ओर भाग रही है। हमारा उद्देश्य था कि दुर्गापूजा के पावन मौके पर नई पीढ़ी को अपनी मिथिला की संस्कृति से जोड़ा जाए। झिझिया नृत्य सिर्फ नृत्य नहीं, यह बहनों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए की जाने वाली प्रार्थना है।