,सदर अस्पताल गंगवाड़ा में सिजेरियन से पहली डिलीवरी, दिसंबर तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य

डीएम कौशल कुमार ने जच्चा-बच्चा का जाना हाल, नवजात शिशु किट देकर बढ़ाया हौसला; अस्पताल की कमियों का आकलन कर तैयार होगा बजट

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

सदर अस्पताल, गंगवाड़ा में शुक्रवार को सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से पहली बार प्रसव कराया गया। डॉ. सुप्रिया नारायण की देखरेख में संपन्न इस प्रसव को अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रसव के बाद जिलाधिकारी कौशल कुमार ने जच्चा-बच्चा का हालचाल जाना और उन्हें नवजात शिशु किट प्रदान की।

इससे पहले जिलाधिकारी की उपस्थिति में बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) और कैंसर सोसाइटी की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल की आधारभूत संरचनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता का जायजा लिया। अस्पताल को सुचारू रूप से संचालित करने में आ रही कमियों को भी चिह्नित किया गया।

डीएम कौशल कुमार ने कहा कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों का आकलन कर बजट तैयार किया जाएगा। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जरूरी संसाधनों और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। अस्पताल को दिसंबर 2026 तक पूरी तरह संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

गर्भवती महिलाओं की हुई जांच

अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत पहुंचीं गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, अल्ट्रासाउंड और अन्य जरूरी चिकित्सकीय जांच की गई। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करना और समय पर आवश्यक परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराना है।

जिलाधिकारी ने अस्पताल में मौजूद मरीजों से बातचीत कर उनके उपचार और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए गंभीरता से काम करने का निर्देश दिया।

जिला प्रशासन का लक्ष्य सदर अस्पताल, गंगवाड़ा में आधारभूत संरचना, चिकित्सा सुविधाओं और जरूरी संसाधनों को मजबूत कर इसे पूरी तरह क्रियाशील बनाना है, ताकि जिले के लोगों को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।