बिरौल में गर्जे नियोजित शिक्षक, 12 साल की सेवा के बाद भी प्रोन्नति नहीं, सप्तम वेतनमान लागू न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
बिरौल में गर्जे नियोजित शिक्षक, 12 साल की सेवा के बाद भी प्रोन्नति नहीं, सप्तम वेतनमान लागू न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
बिरौल में गर्जे नियोजित शिक्षक, 12 साल की सेवा के बाद भी प्रोन्नति नहीं, सप्तम वेतनमान लागू न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
बिहार राज्य शिक्षक संघ के आह्वान पर रविवार को प्रखंड मुख्यालय बिरौल में प्रखंड कमिटी की एक उच्चस्तरीय व महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रखंड अध्यक्ष कृष्णचंद्र आचार्य की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में नियोजित शिक्षकों, विशिष्ट शिक्षकों और विद्यालय अध्यापकों की ज्वलंत समस्याओं पर गहन मंथन किया गया तथा हक-हकूक की आवाज को बुलंद करने के लिए आगे की रणनीति तय की गई।बैठक में बतौर मुख्य वक्ता व विशिष्ट अतिथि शामिल हुए संघ के प्रदेश सचिव आशुतोष कुमार चौधरी ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “बिहार पंचायत प्रारंभिक शिक्षक नियोजन नियमावली 2020” में 12 वर्ष की सेवा पूरी करने पर प्रोन्नति देने का स्पष्ट और कानूनी प्रावधान दर्ज है। इसके बावजूद विभागीय घोर उपेक्षा और उदासीनता के कारण हजारों शिक्षक वर्षों से अपने न्यायसंगत लाभ से वंचित हैं। अध्यक्ष कृष्ण चन्द्र आचार्य ने दस्तक 7 मिडिया को बताया कि संघ की मुख्य मांग–नियमावली 2020 के तहत 12 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सभी पात्र शिक्षकों को अविलंब प्रोन्नति का लाभ दिया जाए। शिक्षा मंत्री अविलंब हस्तक्षेप करते हुए विशिष्ट शिक्षकों एवं नए विद्यालय अध्यापकों को सप्तम वेतनमान का पूरा लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। वहीं संघ के प्रदेश सचिव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शिक्षकों की इन जायज मांगों पर जल्द ही ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संघ पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से जोरदार आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन व प्रशासन की होगी। जिला महासचिव रामबाबू पासवान, जिला उपसचिव मो.इन्तेयाज,मीडिया प्रभारी मो.एनायतुल्लाह के अलावा प्रखंड संगठन व शिक्षक प्रतिनिधि प्रखंड महासचिव मो.मेराज, उपाध्यक्ष राजेश कुमार,पवन बैठा,कमलेश सहनी, मोतीलाल पासवान,संतोष कर्ण, रामलाल ठाकुर, अमरनाथ मुखिया, मो.शाहनवाज, मो.जमाल समेत दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।