कुशेश्वरनाथ मंदिर में दानपेटी चोरी का दावा जांच में निकला गलत, सीओ की जांच में दानपेटी चोरी नहीं, सात पंडाओं द्वारा प्रतिष्ठान में राशि गिनने की बात सामने आई।

सीसीटीवी का भी रिपोर्ट में चर्चा ,मगर रुपया गिनते समय का सीसीटीवी फुटेज किसके पास ?मामले को रफा दफा करने में अधिकारी लगा रहें शातिर दिमाग ?

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर के गर्भगृह में रखी दानपेटी चोरी होने की शिकायत की जांच में मामला एक अलग तस्वीर पेश कर रहा है। अंचल अधिकारी, कुशेश्वरस्थान पूर्वी की जांच रिपोर्ट में दानपेटी चोरी होने की पुष्टि नहीं हुई है। यह जानकारी सूत्रों से मिल रही हे कि रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्धारित तिथि को सात पंडा गर्भगृह की दानपेटी बाहर निकालकर मंदिर परिसर से सटे एक प्रतिष्ठान में उसकी राशि की गिनती कर रहे थे। इस पूरी प्रक्रिया के प्रतिष्ठान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की बात भी जांच प्रतिवेदन में दर्ज है।अब सवाल यही हे कि वह सीसीटीवी फुटेज कहाँ हे ?क्या वह फुटेज सीओ साहब उपलब्ध कराएंगे ,क्यूंकि इसकी पूरी कहानी सबूत के साथ दस्तक 7के पास हे और दस्तक 7भी इस सच्चाई से पर्दा उठाएगा बस न्यास समिति के अध्यक्ष का बयान सुनना बांकी हे ?

अंचल अधिकारी ने इससे संबंधित अधिकारी को जांच प्रतिवेदन सौंपते हुए उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज किया जाना उचित नहीं होने का स्पष्ट मंतव्य दिया है,जो हास्यास्पद हे ?

जांच के दौरान पटना हाईकोर्ट में पारित पुराने आदेश और बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के संबंधित पत्रों का भी हवाला दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, चिह्नित आठ पंडाओं द्वारा गर्भगृह की दानपेटी का संधारण किया जाता है। इनमें से सात पंडाओं द्वारा दानपेटी निकालकर एक प्रतिष्ठान में राशि गिनने की बात जांच प्रतिवेदन में बताया गया हे ।

हालांकि, सीओ की जांच रिपोर्ट के बाद मामला यहीं खत्म होता नहीं दिख रहा है। दानपेटी, चढ़ावे की राशि, उसे गर्भगृह से बाहर निकालने की प्रक्रिया, राशि की गिनती और संबंधित अधिकार को लेकर अब कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। खासकर सीसीटीवी फुटेज में वास्तव में क्या दर्ज है यह तो सामने लाना होंगा  और पूरी प्रक्रिया किन नियमों एवं आदेशों के तहत हुई, यह आगे की तस्वीर साफ कर सकता है।

दस्तक 7 मीडिया पर खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए पदाधिकारियों और अब सामने आई जांच रिपोर्ट ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है और यह मोड़ मामले को रफा दफा करने की हे।अब निगाहें न्यास समिति के अध्यक्ष अथवा उनके निर्देश पर थानाध्यक्ष की ओर से प्रस्तावित बयान  पर टिकी हैं। यदि आधिकारिक स्तर पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी सामने आती है, तो उसके बाद दस्तक 7 मीडिया उपलब्ध दस्तावेजों, सीसीटीवी समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की परत-दर-परत खोलने का प्रयास करेगी और सच्चाई से रूबरू कराएगा ?दस्तक 7फिर निवेदन कर रहा हे कि जो गलती लोंगों द्वारा की गई हे उसे रफा दफा करने के बजाय सच्चाई को रखकर कोई भी पदाधिकारी ससमय कारवाई करें अन्यथा निश्चित रूप से परत दर परत भी खुलेगा और फेजिहत् भी होगी ?मंदिर से जुड़ा मामला हे हम भी नहीं चाहते कि बात का बतंगड़ हो ,जो घटना घटी हे उसपर ईमानदारी पूर्वक कारवाई हो।

कहावत है “बुरी नजर वाले, तेरा मुंह काला…” लेकिन यहां सवाल सिर्फ नजर का नहीं, बल्कि दानपेटी और चढ़ावे की व्यवस्था का है। इसका जवाब दस्तावेज और सबूत ही देंगे और यह सबूत दस्तक 7मीडिया देगा खबरों में और लगातार एपिसोड के साथ।