41.96 लाख की ठगी की प्राथमिकी के महीनों बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से न्याय के लिए थाना के चक्कर लगा रहा पीड़ित ,थानाध्यक्ष ने कहा बहुत जल्द होगी गिरफ्तारी !

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

 लहेरियासराय थाना में करीब 41.96 लाख रुपये की कथित ठगी को लेकर दर्ज प्राथमिकी के एक साल  गुजर जाने के बावजूद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं से पीड़ित व्यक्ति मानसिक असंतुलन में है। वादी संतोष कुमार का आरोप है कि कोयला कारोबार में निवेश के नाम पर उससे लाखों रुपये लिये गये और बाद में रकम लौटाने के बजाय उसे धमकी देकर भगा दिया गया। गिरफ्तारी और कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए वह  लगातार थाना का चक्कर लगा रहा है।

वादी के आवेदन के अनुसार, अमित कुमार सिंह ने कोयला कारोबार में निवेश करने पर प्रति टन 500 रुपये लाभ देने का भरोसा दिया था। सीमांत सिंह उर्फ सन्नी के माध्यम से हुई बातचीत के बाद वादी ने 10 मार्च 2025 को 75 हजार रुपये नकद तथा 25 हजार रुपये बैंक खाते में भेजे। इसके अगले दिन दो लाख रुपये और भेजे गये। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में आरोपितों के बताए खातों में कुल 32 लाख 96 हजार 500 रुपये तथा अलग-अलग समय पर करीब नौ लाख रुपये नकद देने का दावा किया गया है। इस तरह वादी के अनुसार कुल 41 लाख 96 हजार 500 रुपये का भुगतान किया गया।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने कई ट्रकों में कोयला भट्ठों में गिराने की बात कहकर बार-बार और रकम ली, लेकिन निवेश और मुनाफे का हिसाब नहीं दिया। जब वादी ने रकम वापस मांगनी शुरू की तो कथित रूप से गाली-गलौज और धमकी दी गई। आवेदन में 9 दिसंबर 2025 को वादी के घर पहुंचकर जान से मारने तथा परिवार की हत्या करवाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

मामले में अमित कुमार सिंह, आरती सिंह, सुमित कुमार सिंह, प्रीति सिंह, शोभा सिंह और रवि झा समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। वादी का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका आरोप है कि कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए उन्हें बार-बार थाना जाना पड़ रहा है।वादी का यह भी आरोप हे कि अनुसंधानकर्ता के लापरवाही के कारण आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो रही हे।

वादी ने पुलिस के वरीय अधिकारियों से मामले की जांच में तेजी लाने, आरोपितों की गिरफ्तारी तथा कथित रूप से ठगी गई रकम की बरामदगी की दिशा में कार्रवाई की मांग की है। हालांकि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और आरोपितों का पक्ष सामने आना बाकी है।

थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी ने इस संबंध में कहा कि आरोपी समस्तीपुर जिला के केवटा गांव का निवासी हे ,बहुत जल्द उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।