मंदिर में लगातार घटनाओं से उठे सवाल, आखिर जवाबदेही किसकी?

बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में पुजारी की गिरफ्तारी के बाद दानपेटी और घंटी चोरी का मामला भी गरमाया, एक माह से थाने में लंबित है आवेदन

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय 

कुशेश्वरस्थान मंदिर से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला अभी थमा भी नहीं था कि मंदिर परिसर से जुड़ा दूसरा और फिर तीसरा मामला सामने आने से व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंदिर में आठ वर्षीय बच्ची के साथ गलत कृत्य के आरोप में एक युवक पुजारी की गिरफ्तारी के बाद अब दानपेटी और घंटी चोरी का मामला भी चर्चा में है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने मंदिर की सुरक्षा, व्यवस्था और निगरानी को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

चार दिन पूर्व मंदिर में तैनात एक युवक पुजारी पर आठ वर्षीय बच्ची के साथ गलत कृत्य करने का आरोप लगा। मामले में बिरौल एसडीपीओ की तत्परता से आरोपी को देर रात गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति संभल गई, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो लोगों का आक्रोश गंभीर रूप ले सकता था।

इसी मंदिर में करीब एक माह पूर्व दानपेटी चोरी होने की घटना भी सामने आई थी। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना से जुड़े दृश्य होने की बात कही जा रही है। मंदिर न्यास समिति के सचिव गोपाल नारायण चौधरी ने 26 अगस्त 2026 को थाने में आवेदन देकर मामले की शिकायत की थी। आवेदन में सात लोगों के नाम का उल्लेख किए जाने की बात कही गई है।लेकिन करीब एक माह बीतने पर हे ,अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई हे और ना ही आरोपी पकड़े गये हे ?

बताया जाता है कि मामले में बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने थानाध्यक्ष को आवेदन की जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। हालांकि, शिकायत दिए जाने के करीब एक माह बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने और जांच प्रतिवेदन एसडीपीओ को नहीं सौंपे जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि शिकायतकर्ता मंदिर न्यास समिति के सचिव हैं।

दानपेटी चोरी की घटना के बाद मंदिर से एक घंटी चोरी होने की बात भी सामने आई। इस घटना का भी सीसीटीवी फुटेज होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन घंटी चोरी के संबंध में अब तक थाने में आवेदन नहीं दिए जाने की बात सामने आई है। कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।चोरी के वारदात के सभी फुटेज हे जिसे देखा जा चुका हे।

न्यास समिति की भूमिका पर भी उठे सवाल

कुशेश्वरस्थान मंदिर की व्यवस्था को लेकर सबसे बड़ा सवाल न्यास समिति की जवाबदेही पर उठ रहा है। समिति के अध्यक्ष बिरौल के एसडीओ और उपाध्यक्ष एसडीपीओ हैं। ऐसे में समिति के सचिव की ओर से थाने में दिए गए आवेदन पर लंबे समय तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होना और जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर जैसे आस्था के प्रमुख केंद्र में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। लोगों की मांग है कि दानपेटी और घंटी चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए तथा साक्ष्य के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

लोग मंदिर में तैनात कर्मियों और पुजारियों के सत्यापन, आचरण की जांच तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर की व्यवस्था में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए जिनकी पृष्ठभूमि और आचरण को लेकर कोई गंभीर शिकायत न हो।

कई स्थानीय लोगों ने पूरे मामले में दरभंगा के आयुक्त, डीएम और एसएसपी से हस्तक्षेप कर मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि कार्रवाई केवल किसी एक घटना तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मंदिर की पूरी व्यवस्था की समीक्षा कर सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का मंदिर की व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।