पासपोर्ट ऑफिस के नाम पर भेजा लिंक, खाते से उड़ाए 99,852 रुपये, साइबर थाना कांड 67/23 में पुलिस की कार्रवाई, बाराबंकी से आरोपी अर्जुन गिरफ्तार
पासपोर्ट ऑफिस के नाम पर भेजा लिंक, खाते से उड़ाए 99,852 रुपये, साइबर थाना कांड 67/23 में पुलिस की कार्रवाई, बाराबंकी से आरोपी अर्जुन गिरफ्तार
पासपोर्ट ऑफिस के नाम पर भेजा लिंक, खाते से उड़ाए 99,852 रुपये,
साइबर थाना कांड 67/23 में पुलिस की कार्रवाई, बाराबंकी से आरोपी अर्जुन गिरफ्तार
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
अगर कोई व्यक्ति किसी ऑफिस या बेंक या बिजली विभाग समेत कोई अन्य लिंक आपको भेजे तो आप उस लिंक को नहीं खोले ,वरना आप भी ठगी के शिकार हो सकते हें ,इसीलिये सावधान रहिये और सतर्क भी।
पासपोर्ट ऑफिस के नाम पर मोबाइल पर संपर्क कर लिंक भेजने और उसके माध्यम से करीब एक लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में दरभंगा साइबर थाना की पुलिस ने एक आरोपी को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बाराबंकी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के अरौंगाबाद निवासी अर्जुन के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद आरोपी को दरभंगा लाकर न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, साइबर थाना कांड संख्या 67/23 के वादी गोविन्दपुर, थाना बहादुरपुर निवासी अशोक कुमार चौधरी ने साइबर थाना में लिखित आवेदन देकर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन के अनुसार, 28 सितंबर 2023 को उनके मोबाइल पर नितिन डिलीवरी पासपोर्ट ऑफिस के नाम से संपर्क किया गया। बातचीत के दौरान साइबर अपराधियों ने उन्हें एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके बैंक खाते से 99,852 रुपये की राशि की निकासी कर ली गई।
ठगी की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान ठगी की रकम जिस बैंक खाते में पहुंची, उसके केवाईसी विवरण की जांच की गई। जांच में उक्त खाते के धारक के रूप में अर्जुन का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी एवं अन्य अनुसंधान के आधार पर आरोपी का पता लगाया।
पुलिस टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में छापेमारी की और आरोपी अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे लेकर दरभंगा पहुंची। अब आरोपी को विधिवत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मामले में ठगी की रकम के लेन-देन और साइबर अपराध से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा ठगी की रकम किन-किन खातों के माध्यम से आगे भेजी गई।