डीएमसीएच इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, 11 घंटे से इलाज ठप,
अभद्र व्यवहार के विरोध में डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार, गंभीर मरीजों को निजी अस्पताल ले गए स्वजन

दस्तक 7मीडिया,दरभंगा /अफजल खान 

दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) की इमरजेंसी सेवा जूनियर डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के कारण गुरुवार को करीब 11 घंटे तक प्रभावित रही। बुधवार देर रात इमरजेंसी में एक मरीज के महिला स्वजन द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज किए जाने से नाराज जूनियर डॉक्टर गुरुवार सुबह भी काम पर नहीं लौटे। इमरजेंसी में इलाज बाधित होने से मरीजों और उनके स्वजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

गंभीर स्थिति वाले कई मरीजों के स्वजन बेहतर और तत्काल इलाज की उम्मीद में उन्हें निजी अस्पताल लेकर चले गए। वहीं, इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को उनकी चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार संबंधित विभागों और वार्डों में शिफ्ट किया गया। परीक्षण कक्ष, ट्राइज एरिया और सीसीडब्ल्यू के बेड पर भर्ती मरीजों को भी संबंधित वार्डों में भेजा गया।

बुधवार रात अभद्र व्यवहार के आरोपित महिला के मरीज को गुरुवार सुबह मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद इमरजेंसी में मरीजों की संख्या कम हुई, लेकिन जूनियर डॉक्टरों के काम पर नहीं लौटने से आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित रही।

हालांकि, डीएमसीएच की सेंट्रल ओपीडी और विभिन्न वार्डों में मरीजों का इलाज सामान्य रूप से चलता रहा। इमरजेंसी सेवा बाधित होने की सूचना के बाद अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ। जूनियर डॉक्टरों की नाराजगी दूर करने के लिए अस्पताल के अधिकारी और वरीय चिकित्सक लगातार उनसे बातचीत करते रहे।

जूनियर डॉक्टरों की मुख्य मांग अस्पताल परिसर में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की है। उनका कहना है कि चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉक्टरों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाने की कोशिश की जा रही है।

अधिकारियों ने जल्द से जल्द गतिरोध समाप्त कर इमरजेंसी सेवा बहाल कराने की पहल शुरू कर दी है। इमरजेंसी सेवा बाधित रहने से मरीजों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन और जूनियर डॉक्टरों के बीच बातचीत को निर्णायक बनाने का प्रयास जारी है।