वायरल वीडियो से खुला नाबालिगों से अभद्रता का मामला, पुलिस ने 24 घंटे में दबोचे पांच आरोपी,

दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस से मुठभेड़, फायरिंग में एक आरोपी घायल; वीडियो वायरल करने वाले तीन लोग भी गिरफ्तार

दस्तक 7मीडिया /

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक आपत्तिजनक वीडियो ने जमुई पुलिस को सक्रिय कर दिया। वीडियो में कुछ लोगों द्वारा एक लड़के और लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करते हुए दिखाया गया था। सोशल मीडिया निगरानी के दौरान वीडियो सामने आते ही पुलिस ने तकनीकी सत्यापन शुरू किया और महज 24 घंटे के भीतर मामले में शामिल सभी प्रमुख आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6:45 बजे जमुई थाना क्षेत्र के मरवा और प्रतापपुर के बीच पहाड़ी इलाके में हुई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पीड़ितों की पहचान कर घटनास्थल का सत्यापन किया। इसके बाद जमुई थाना कांड संख्या 428/26, दिनांक 21 सितंबर को दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 76, 3(5) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 8/12 के तहत कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस ने जांच के दौरान तीन विधि-विरुद्ध बालकों को पहले ही निरुद्ध कर लिया था। वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी की जा रही थी।

बहियार में छिपे थे दोनों मुख्य आरोपी

पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर की सुबह करीब पांच बजे सूचना मिली कि मामले के दो मुख्य आरोपी प्रतापपुर गांव से बाहर नदी के बहियार इलाके में छिपे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। नदी के पश्चिमी बहियार के जंगल में पुलिस को देखकर एक आरोपी भागने लगा। पीछा करने के दौरान कई बार गिरने से उसे चोट लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान हरे राम यादव, पिता दीपू यादव, निवासी प्रतापपुर, जमुई के रूप में हुई।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में हरे राम यादव ने दूसरे आरोपी नंदन यादव के नदी की ओर कास के जंगल में भागने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान एक व्यक्ति ने पुलिस की घेराबंदी देखकर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया। उसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई तो उसकी पहचान नंदन यादव, पिता गनौरी यादव, निवासी प्रतापपुर के रूप में हुई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

वीडियो वायरल करने वालों पर भी केस, तीन गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ भी कड़ा कदम उठाया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के प्रसार से नाबालिग पीड़ितों की पहचान की गोपनीयता प्रभावित हो रही थी, जिससे उन्हें मानसिक और सामाजिक नुकसान पहुंच सकता है।

इस मामले में जमुई साइबर थाना कांड संख्या 45/2026, दिनांक 21 सितंबर को आईटी एक्ट की धारा 67, 67B सहित पॉक्सो एक्ट और जेजे एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत 120 सोशल मीडिया पोस्ट/प्रोफाइल को चिह्नित करते हुए मामला दर्ज किया गया है। वीडियो को प्रसारित करने के आरोप में तीन लोगों—कुंदन कुमार, फैयाज और रामाशीष कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने कहा है कि अन्य सोशल मीडिया प्रोफाइलों की भी पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़ितों से संबंधित किसी भी आपत्तिजनक वीडियो या पोस्ट को सोशल मीडिया पर साझा अथवा वायरल नहीं करें। इससे पीड़ितों की पहचान उजागर होने के साथ उनकी मानसिक और सामाजिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।