नशे के सौदागरों पर भारी पड़े बिरौल के अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, स्मैक और अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
नशे के सौदागरों पर भारी पड़े बिरौल के अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, स्मैक और अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
नशे के सौदागरों पर भारी पड़े बिरौल के अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, स्मैक और अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप
दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और नशे की जड़ पर प्रहार करते हुए दरभंगा जिले के बिरौल थाना में तैनात अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। सूखे नशे के काले कारोबार का भंडाफोड़ कर उन्होंने न सिर्फ नशा कारोबारियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है, बल्कि स्थानीय क्षेत्र की जनता के बीच एक जननायक और पुलिसिया सिंघम की छवि को और मजबूत किया है। बिरौल क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। इसी कड़ी में बीते 18 सितंबर को गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में स्मैक (सूखा नशा) बरामद किया और इसके मुख्य कारोबारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्होंने एक सख्त मिसाल पेश की है। पूर्व में धारा 107 के उल्लंघन को लोग हलके में लेते थे और इसमें पुलिस हिरासत का प्रावधान व्यावहारिक रूप से लागू नहीं दिख रहा था। लेकिन अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार की पहल पर अब धारा 107 का मजाक उड़ाने वाले असामाजिक तत्वों को हिरासत में लेकर सीधे अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) के न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। कानून के इस सख्त अनुपालन से क्षेत्र के उपद्रवियों में हड़कंप व्याप्त है। इससे पूर्व भी उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब और प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप जब्त कर क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था। कानून व्यवस्था में सुधार और युवाओं को नशे की गर्त में जाने से बचाने के लिए अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के इस अभियान की आम लोगों, समाजसेवियों और स्थानीय बुजुर्गों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।
मुकेश कुमार की यह कार्यशैली नई नहीं है। दरभंगा जिले में पदस्थापन से पूर्व वे समस्तीपुर जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। समस्तीपुर में पदस्थापना के दौरान भी उन्होंने कई पेचीदा मामलों को सुलझाने, संगठित अपराध पर लगाम लगाने और नशे के सौदागरों की कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि आज भी समस्तीपुर जिले के गणमान्य नागरिक और प्रबुद्ध वर्ग उनके उत्कृष्ट और निष्पक्ष कार्यों की मिसाल देते नहीं थकते।
अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार की लगातार हो रही इस तरह की सख्त और पारदर्शी कार्रवाइयों से जहां एक ओर अपराधियों और नशा माफियाओं में खौफ का माहौल है, वहीं दूसरी ओर बिरौल की आम जनता में पुलिस प्रशासन के प्रति अविश्वास फिर से विश्वास में बदलाव होने लगा है। आश्चर्य की बात है कि लोग मुकेश कुमार के नाम से जानते हैं ,लेकिन उन्हें पहचांनते नहीं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी ही समाज को अपराध और नशा मुक्त बनाने की दिशा में सच्ची मिसाल पेश करते हैं।