एंटीबायोटिक का बेतरतीब इस्तेमाल बढ़ा रहा खतरा, आज विशेषज्ञ बताएंगे बचाव का रास्ता ‘स्ट्राइक एंटीबायोटिक टी-20’ कार्यशाला में 20 प्रमुख एंटीबायोटिक के सुरक्षित इस्तेमाल पर होगा मंथन
एंटीबायोटिक का बेतरतीब इस्तेमाल बढ़ा रहा खतरा, आज विशेषज्ञ बताएंगे बचाव का रास्ता ‘स्ट्राइक एंटीबायोटिक टी-20’ कार्यशाला में 20 प्रमुख एंटीबायोटिक के सुरक्षित इस्तेमाल पर होगा मंथन
एंटीबायोटिक का बेतरतीब इस्तेमाल बढ़ा रहा खतरा, आज विशेषज्ञ बताएंगे बचाव का रास्ता
‘स्ट्राइक एंटीबायोटिक टी-20’ कार्यशाला में 20 प्रमुख एंटीबायोटिक के सुरक्षित इस्तेमाल पर होगा मंथन
विशेषज्ञों की अपील-डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को न दें एंटीबायोटिक, जागरूकता में मीडिया निभाए अहम भूमिका
दस्तक 7मीडिया,दरभंगा /अफजल खान
बच्चों में एंटीबायोटिक के अनावश्यक और गलत इस्तेमाल पर लगाम लगाने के उद्देश्य से इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी), दरभंगा शाखा की ओर से शनिवार को ‘स्ट्राइक एंटीबायोटिक टी-20’ कार्यशाला आयोजित की जाएगी। एकमी चौक स्थित राज रिसॉर्ट में होने वाली इस कार्यशाला में राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय विशेषज्ञ शिशु रोग विशेषज्ञों को एंटीबायोटिक के विवेकपूर्ण, तर्कसंगत और सुरक्षित उपयोग का प्रशिक्षण देंगे। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को आईएपी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्यशाला की जानकारी दी गई।
आईएपी दरभंगा के अध्यक्ष डॉ. के.एन. मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला आईएपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीलम मोहन के प्रेसिडेंशियल एक्शन प्लान के तहत आयोजित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक संवादात्मक सत्रों के माध्यम से बच्चों में सामान्यतः इस्तेमाल होने वाले 20 प्रमुख एंटीबायोटिक के सही और सुरक्षित उपयोग की जानकारी देंगे।
उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक का अनावश्यक इस्तेमाल एंटीबायोटिक प्रतिरोध यानी एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) की गंभीर समस्या को बढ़ाता है। संक्रमण के अनुसार सही दवा का चयन, उचित मात्रा और निर्धारित अवधि तक सेवन तथा उपचार की समय-समय पर समीक्षा जरूरी है।
शिशु रोग विभागाध्यक्ष एवं आईएपी दरभंगा के उपाध्यक्ष डॉ. रिजवान हैदर ने बताया कि कार्यशाला में आईएपी बिहार के अध्यक्ष डॉ. निगम प्रकाश नारायण, आईएपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं बेतिया मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, डॉ. रश्मि अग्रवाल, राष्ट्रीय प्रशिक्षक डॉ. मयंक तथा कोलकाता की डॉ. अर्पिता खेमका विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक के रूप में शामिल होंगी।
आईएपी दरभंगा के सचिव डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि प्रशिक्षण में अब तक करीब 60 चिकित्सकों ने पंजीकरण कराया है। इसमें दरभंगा के साथ पटना, समस्तीपुर, मधुबनी सहित आसपास के जिलों के शिशु रोग विशेषज्ञ भी भाग लेंगे।
कोषाध्यक्ष डॉ. कुमार आनंद ने बताया कि राज रिसॉर्ट में आयोजित होने वाली कार्यशाला की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आईएपी दरभंगा के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. शिवनंदन सिंह मुख्य अतिथि होंगे, जबकि पूर्व अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह एवं डॉ. रवि प्रकाश मानद अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. साजिद हुसैन, डॉ. कामोद झा और डॉ. ओम प्रकाश ने भी एंटीबायोटिक के विवेकपूर्ण इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दिया।
डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि एंटीबायोटिक जीवनरक्षक दवाएं हैं, लेकिन इनके गलत या अनावश्यक इस्तेमाल से बैक्टीरिया में दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित हो सकता है। ऐसी स्थिति में गंभीर संक्रमण के दौरान जरूरत पड़ने पर दवा के प्रभावी नहीं रहने का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि दवा दुकानदार, गैर-प्रशिक्षित व्यक्ति, तथाकथित ग्रामीण चिकित्सक अथवा मित्र-रिश्तेदार की सलाह पर बच्चों को एंटीबायोटिक न दें। योग्य चिकित्सक की सलाह पर ही निर्धारित मात्रा और अवधि के अनुसार इसका इस्तेमाल किया जाए।
वक्ताओं ने कहा कि एंटीबायोटिक प्रतिरोध केवल मरीज या चिकित्सक की समस्या नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए चिकित्सकों के साथ मरीजों, दवा विक्रेताओं, मीडिया और समाज के सभी वर्गों की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।