दहेज केस में एक लाख रुपये मांगने का आरोप, महिला थानाध्यक्ष निलंबित,

भाई का नाम केस से हटाने के लिए प्राथमिकी अभियुक्त से कथित मांग का मामला, वायरल ऑडियो की जांच में आचरण संदिग्ध पाया गया

मुजफ्फरपुर/वैशाली।

वैशाली महिला थाना कांड संख्या-64/25 में वायरल रिकॉर्डेड ऑडियो की जांच के बाद महिला थानाध्यक्ष पूर्णिमा कुमारी पर कार्रवाई की गई है। जांच में प्रथम दृष्टया प्राथमिकी अभियुक्त सिपाही नवलेश कुमार के भाई विमलेश कुमार का नाम केस से हटाने के लिए एक लाख रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक, वैशाली ने पु०अ०नि० पूर्णिमा कुमारी को निलंबित कर दिया है।

पुलिस उप-महानिरीक्षक, तिरहुत क्षेत्र के कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पत्रकार मणिभूषण, N4N Link की ओर से उपलब्ध कराए गए वायरल रिकॉर्डेड ऑडियो को 16 सितंबर को जांच के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक, वैशाली के पास भेजा गया था। एसएसपी ने इसकी जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-02, लालगंज से कराई।

जांच में सामने आया कि संबंधित रिकॉर्डेड ऑडियो 22 अगस्त 2026 को दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे के बीच रिकॉर्ड किया गया था। एसडीपीओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि उपलब्ध तथ्यों और पूछताछ से ऐसा प्रतीत होता है कि महिला थानाध्यक्ष पूर्णिमा कुमारी ने सदोष लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से महिला थाना कांड संख्या-64/25 के प्राथमिकी अभियुक्त सिपाही-1308 नवलेश कुमार से उसके भाई विमलेश कुमार का नाम हटाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की।

जांच अधिकारी ने पूर्णिमा कुमारी के आचरण को संदिग्ध मानते हुए अपना मंतव्य दिया। इसके आधार पर एसएसपी वैशाली ने उन्हें निलंबित कर दिया।हालांकि जांच में पुलिस कार्यालय के रीडर के विरुद्ध लगाए गए रुपये के लेन-देन संबंधी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक पूर्णिमा कुमारी की ओर से रीडर से रुपये के लेन-देन के संबंध में कोई मैनुअल या तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया और पूछताछ के दौरान भी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई।इधर, सिपाही नवलेश कुमार ने उक्त रिकॉर्डेड ऑडियो तैयार करने की बात स्वीकार नहीं की है। पुलिस अब वायरल ऑडियो के मूल स्रोत की जांच में जुटी है।