पंडासराय-लोहिया चौक एलिवेटेड रोड पर पुनर्विचार की मांग,एकमी बांध की सड़क चौड़ी कर बनाया जाए बाईपास-पूर्व केंद्रीय मंत्री अली असरफ फातमी,

खाजासराय-पंडासराय के लोगों की समस्या को लेकर पूर्व विधायक डॉ. फराज फातमी ने उठाई आवाज,

पार्षद सुभाष कुमार सौरव ने कहा- वैकल्पिक मार्ग नहीं बना तो प्रभावित होंगे करीब 200 परिवार

दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /गुड्डू राज 

नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 46, 47 और 48 में प्रस्तावित पंडासराय-लोहिया चौक एलिवेटेड रोड को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। वार्डवासियों ने जिलाधिकारी को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन देकर प्रस्तावित सड़क योजना पर दोबारा विचार करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सड़क और विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं।उनकी मांग है कि सड़क निर्माण के लिए ऐसा रास्ता चुना जाए,जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के घर,दुकान और रोजगार पर कम से कम असर पड़े। पूर्व केंद्रीय मंत्री मो. अली असरफ फातमी ने प्रेस वार्ता में कहा कि लोहिया चौक से पंडासराय की ओर जाने वाली रेलवे स्टेशन रोड घनी आबादी के बीच से गुजरती है। ऐसे में एलिवेटेड रोड के लिए किसी वैकल्पिक रास्ते पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकमी चौक के आसपास बांध के ऊपर पहले से मौजूद सड़क को चौड़ा कर बाईपास के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके बाद इस सड़क को आमस रोड से जोड़ा जा सकता है। उनका कहना है कि यदि इस विकल्प पर विचार किया जाता है तो घनी आबादी वाले इलाके में सड़क निर्माण के कारण घरों और दुकानों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।


फातमी ने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने भवन निर्माण विभाग के मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र से भी मुलाकात कर स्थानीय लोगों की समस्या से अवगत कराया है। उनके अनुसार मंत्री ने मामले में संभव कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार को स्थानीय लोगों की मांग पर पुनर्विचार करना चाहिए,ताकि विकास कार्य भी हो और बड़ी संख्या में लोगों के घर एवं रोजगार प्रभावित होने से बच सकें। वहीं,केवटी विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक डॉ. फराज फातमी ने कहा कि खाजासराय, पंडासराय और लहेरी टोला के स्थानीय लोगों के साथ मिलकर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क का चौड़ीकरण होना चाहिए और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों की चिंता एलिवेटेड रोड के लिए अतिरिक्त जमीन लिए जाने को लेकर है। यदि सड़क निर्माण के लिए दोनों तरफ अतिरिक्त जमीन की जरूरत पड़ती है तो गरीब परिवार और छोटे दुकानदार प्रभावित हो सकते हैं। डॉ. फराज फातमी ने कहा कि मिथिला डेंटल कॉलेज के सामने से बांध के ऊपर जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण कर उसे आमस की ओर जोड़ा जा सकता है। इस सड़क को बाईपास के रूप में विकसित करने के विकल्प पर सरकार को विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि ऐसा होने से शहर की घनी आबादी के बीच एलिवेटेड रोड बनाने से होने वाली परेशानी कम हो सकती है और कई घर एवं दुकान प्रभावित होने से बच सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर मध्य निषेध एवं उत्पाद मंत्री मदन सहनी से भी बातचीत की गई है। साथ ही संबंधित विभाग के मंत्री से मिलकर स्थानीय लोगों की समस्या रखने की बात कही गई है।
इधर,वार्ड संख्या 48 के पार्षद सुभाष कुमार सौरव उर्फ भंटू गुप्ता ने कहा कि उनके वार्ड में बड़ी संख्या में छोटे-बड़े मकान और दुकान हैं। यदि प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का निर्माण इसी रास्ते से होता है तो कई लोगों के घर और दुकान प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस इलाके में कई छोटे दुकानदार अपनी दुकानों के माध्यम से परिवार का भरण-पोषण करते हैं। यदि दुकानें हटती हैं तो उनके सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो सकती है। पार्षद ने भी सरकार से प्रस्तावित योजना पर दोबारा विचार करने की मांग की। उन्होंने एकमी चौक के आसपास बांध के ऊपर पहले से मौजूद सड़क को चौड़ा कर बाईपास बनाने और उसे आमस रोड से जोड़ने का सुझाव दिया। पार्षद के अनुसार,यदि वैकल्पिक रास्ते पर विचार नहीं किया गया तो करीब 200 परिवारों के घर और दुकान प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों के पास केवल दो या तीन धुर जमीन है। ऐसे लोगों के लिए जमीन का बड़ा हिस्सा सड़क में चले जाने पर रहने की समस्या खड़ी हो सकती है। वार्डवासियों ने बताया कि कुछ महीने पहले जिला अधिग्रहण विभाग की ओर से जमीन की नापी कर निशान लगाया गया था। इसके बाद कई लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही अपनी जमीन खाली करनी शुरू कर दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन से संबंधित कार्रवाई पर उन्हें आपत्ति नहीं है,लेकिन एलिवेटेड रोड के लिए अतिरिक्त जमीन लिए जाने की संभावना से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के निर्माण में सड़क के दोनों ओर अतिरिक्त जमीन की जरूरत पड़ सकती है। इससे लहेरी टोला,खाजासराय,पंडासराय सहित आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों के घर और दुकान प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस इलाके में करीब 200 से 300 छोटी-बड़ी दुकानें हैं। इन दुकानों से कई परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। यदि सड़क निर्माण के कारण दुकानें हटती हैं तो छोटे दुकानदारों और उनके परिवारों के सामने रोजगार की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
वार्डवासियों ने कहा कि कई परिवार लंबे समय से इस इलाके में रह रहे हैं। किसी के पास दो-तीन धुर जमीन है तो किसी के पास थोड़ी अधिक जमीन है। ऐसे में यदि एलिवेटेड रोड के लिए अतिरिक्त जमीन ली जाती है तो कई परिवारों के घर और दुकान प्रभावित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और राज्य सरकार से प्रस्तावित पंडासराय-लोहिया चौक एलिवेटेड रोड की योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है,लेकिन ऐसा विकल्प चुना जाना चाहिए जिससे आम लोगों को कम से कम नुकसान हो। वार्डवासियों ने सुझाव दिया है कि एकमी चौक के आसपास बांध के ऊपर बनी सड़क का चौड़ीकरण कर उसे बाईपास के रूप में विकसित किया जाए और आगे आमस रोड से जोड़ दिया जाए। उनका कहना है कि इस विकल्प पर विचार होने से सड़क निर्माण का उद्देश्य भी पूरा हो सकता है और घनी आबादी वाले इलाके के लोगों के घर,दुकान और रोजगार को बचाने में मदद मिल सकती है।
ज्ञापन पर श्याम किशोर प्रधान,पूर्व केंद्रीय मंत्री मो. अली अशरफ फातमी,पूर्व विधायक डाक्टर फराज फातमी,उपेंद्र प्रधान,नरेंद्र कुमार,जितेंद्र कुमार,वार्ड 48 के पार्षद सुभाष कुमार सौरव उर्फ भंटू टू गुप्ता,संतोष कुमार, कन्हैया ठाकुर, ललित कुमार, संजीव महतो, अमलेंद्र मिश्र, विवेक प्रधान,अनुरंजन सिंह, चंदन पंजियार, दिनेश पंजियार,राजकुमार झा, लालबाबू पंजियार,सुधीर कुमार,प्रभात प्रसाद गुप्ता,मोहम्द प्यारे, मोहम्द अरमान,और विजय महासेठ सहित कई स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर हैं।