थोड़ी देर में चलेगा सोशल मीडिया पर अभियान :दरोगाओं को Level-7 वेतनमान देने की मांग तेज, आज दो घंटे X पर गूंजेगी आवाज, Level-6 से Level-7 में अपग्रेड की मांग को लेकर 11 से 1 बजे तक चलेगा अभियान, बढ़ती जिम्मेदारियों और 24 घंटे की ड्यूटी का दिया हवाला
थोड़ी देर में चलेगा सोशल मीडिया पर अभियान :दरोगाओं को Level-7 वेतनमान देने की मांग तेज, आज दो घंटे X पर गूंजेगी आवाज, Level-6 से Level-7 में अपग्रेड की मांग को लेकर 11 से 1 बजे तक चलेगा अभियान, बढ़ती जिम्मेदारियों और 24 घंटे की ड्यूटी का दिया हवाला
थोड़ी देर में चलेगा सोशल मीडिया पर अभियान :दरोगाओं को Level-7 वेतनमान देने की मांग तेज, आज दो घंटे X पर गूंजेगी आवाज,
Level-6 से Level-7 में अपग्रेड की मांग को लेकर 11 से 1 बजे तक चलेगा अभियान, बढ़ती जिम्मेदारियों और 24 घंटे की ड्यूटी का दिया हवाला
दस्तक 7मीडिया / दरभंगा /पटना
बिहार पुलिस के पुलिस अवर निरीक्षकों (दरोगाओं) को वर्तमान Level-6 से Level-7 वेतन स्तर में अपग्रेड करने की मांग अब सोशल मीडिया पर जोर पकड़ने लगी है। अपनी मांग को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने के लिए पुलिसकर्मियों और समर्थकों की ओर से आज 11 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक दो घंटे का विशेष सोशल मीडिया अभियान चलाया जाएगा। X पर चलने वाले इस अभियान में बड़ी संख्या में लोगों के जुड़ने की उम्मीद है।
दरोगाओं का कहना है कि पुलिस विभाग में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण है, लेकिन पद की जिम्मेदारियों और कार्यभार की तुलना में वर्तमान वेतन स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। इसी को लेकर अब Level-6 से Level-7 वेतन स्तर में उन्नयन की मांग को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
अपराध अनुसंधान से कानून-व्यवस्था तक बड़ी जिम्मेदारी
पुलिस अवर निरीक्षकों के जिम्मे केवल थाने में बैठकर कागजी कार्रवाई करना ही नहीं है। गंभीर अपराधों की जांच से लेकर घटनास्थल पर तत्काल कार्रवाई, अभियुक्तों की गिरफ्तारी, साक्ष्य जुटाने, गवाहों के बयान, केस डायरी तैयार करने और न्यायालय में गवाही देने तक की जिम्मेदारी उन्हें निभानी पड़ती है।
इसके साथ ही वारंट एवं समन का निष्पादन, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, संवेदनशील घटनाओं में कार्रवाई तथा महत्वपूर्ण आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था जैसी जिम्मेदारियां भी दरोगाओं के कार्यक्षेत्र का हिस्सा हैं।
पुलिसकर्मियों का तर्क है कि अपराध का स्वरूप लगातार बदल रहा है और पुलिसिंग पहले की तुलना में कहीं अधिक तकनीकी एवं चुनौतीपूर्ण हो गई है। साइबर अपराध, संगठित अपराध और गंभीर आपराधिक मामलों के अनुसंधान में भी पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं।
24 घंटे की ड्यूटी और लगातार बढ़ता कार्यभार
मांग उठाने वाले पुलिसकर्मियों का कहना है कि पुलिस सेवा की प्रकृति अन्य विभागों से अलग है। 24 घंटे की ड्यूटी, छुट्टियों में भी काम, अचानक उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की स्थिति और लगातार बढ़ता अपराध नियंत्रण का दबाव पुलिस अवर निरीक्षकों के कार्यभार को बढ़ाता जा रहा है।
उनका कहना है कि एक दरोगा को एक साथ कई मोर्चों पर काम करना पड़ता है। एक तरफ अनुसंधान की गुणवत्ता बनाए रखने की चुनौती होती है तो दूसरी तरफ क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है।
‘जिम्मेदारी के अनुरूप मिले वेतन स्तर’
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि Level-7 की मांग केवल वेतन बढ़ाने की मांग नहीं है, बल्कि यह पद की जिम्मेदारी, कार्य की प्रकृति, जोखिम और बढ़ते कार्यभार के अनुरूप वेतन स्तर निर्धारित करने का विषय है।
उनका तर्क है कि जिस पद पर गंभीर आपराधिक मामलों के अनुसंधान से लेकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक की अहम जिम्मेदारी हो, उसके वेतन स्तर की भी उसी अनुरूप समीक्षा होनी चाहिए।
आज 11 से 1 बजे तक सोशल मीडिया पर अभियान
इस मांग को व्यापक समर्थन दिलाने के लिए 11 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक दो घंटे का सोशल मीडिया कैंपेन चलाया जाएगा। अभियान के दौरान X पर पोस्ट, संदेश और संबंधित हैशटैग के माध्यम से सरकार और पुलिस विभाग का ध्यान इस मांग की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा।
इससे पहले 5 सितंबर 2026 को भी X पर इस मुद्दे को लेकर अभियान चलाया गया था, जिसमें पुलिसकर्मियों और समर्थकों ने Level-7 वेतन स्तर की मांग को प्रमुखता से उठाया था। अब दोबारा अभियान को तेज करने की तैयारी है।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
दरोगाओं की मांग अब सोशल मीडिया से आगे बढ़कर सरकार और संबंधित विभाग के सामने भी चर्चा का विषय बन रही है। अभियान के जरिए मांग उठाने वाले पुलिसकर्मी उम्मीद जता रहे हैं कि सरकार उनकी जिम्मेदारियों और सेवा की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए Level-6 से Level-7 वेतन स्तर में उन्नयन पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
अब देखना होगा कि आज दो घंटे चलने वाला यह सोशल मीडिया अभियान कितना व्यापक असर छोड़ता है और सरकार की ओर से इस मांग पर क्या रुख सामने आता है।