महिला सशक्तीकरण पर सरकार का बड़ा ऐलान, बिहार में बनेगा महिला विश्वविद्यालय, कुलपति से लेकर छात्र तक सभी होंगी महिलाएं : मुख्यमंत्री, 5 लाख महिलाओं के खाते में 600 करोड़ रुपये भेजे गए, 31 मार्च तक 10 लाख जीविका दीदियों के घर लगेंगे सोलर पैनल, 1 करोड़ बहनों को रोजगार और 1 करोड़ को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य।
बिहार में बनेगा महिला विश्वविद्यालय, कुलपति से लेकर छात्र तक सभी होंगी महिलाएं : मुख्यमंत्री,
5 लाख महिलाओं के खाते में 600 करोड़ रुपये भेजे गए, 31 मार्च तक 10 लाख जीविका दीदियों के घर लगेंगे सोलर पैनल,
1 करोड़ बहनों को रोजगार और 1 करोड़ को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य।
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान का शुभारंभ करते हुए महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि बिहार में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसमें कुलपति से लेकर प्रोफेसर, कर्मचारी और छात्र तक सभी महिलाएं होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के बिना विकसित बिहार की कल्पना नहीं की जा सकती। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पांच लाख महिला लाभुकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 600 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। वहीं, जीविका निधि से 10 हजार लाभुकों को ऋण वितरित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए 112 ग्रामीण हाट के निर्माण कार्य का भी शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च तक 10 लाख जीविका दीदियों के घरों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे चिह्नित परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के साथ उनकी ऊर्जा आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से आज 1 करोड़ 81 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। जीविका दीदियों का बिहार की अर्थव्यवस्था में योगदान करीब 1.46 लाख करोड़ रुपये का है। सरकार का लक्ष्य एक करोड़ बहनों को रोजगार देने और एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का है। पशुपालन, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित नर्स बहाली परीक्षा में चयनित 7,376 महिलाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं का सरकारी नर्स के रूप में चयन सरकारी सेवा में महिलाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
महिलाओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,000 महिलाओं को पीएचडी की पढ़ाई के लिए प्रतिमाह 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बिहार में वर्तमान में करीब 4,600 लोग पीएचडी कर रहे हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या लगभग 600 है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और जीविका समूहों के आसपास ‘पुलिस दीदी’ की तैनाती की गई है। महिला पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल भी उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में करीब 40 हजार महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। नवंबर तक एक करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों को नशामुक्ति अभियान से भी जोड़ा जाएगा। नुक्कड़ नाटक और अन्य माध्यमों से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम में नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता को लेकर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय तथा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य सशक्तीकरण के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। वर्ष 2030 तक बिहार सरकार महिलाओं पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।
कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने भी संबोधित किया। मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव संजय कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।