गंडक नदी में बढ़ते जलस्तर से हाई अलर्ट, सभी 36 गेट खोले गए, तिब्बत में हिमनद झील फटने से भोटे कोशी नदी में तेज लहर, गंडक बेसिन के जिलों में जारी हुआ चेतावनी संदेश
गंडक नदी में बढ़ते जलस्तर से हाई अलर्ट, सभी 36 गेट खोले गए, तिब्बत में हिमनद झील फटने से भोटे कोशी नदी में तेज लहर, गंडक बेसिन के जिलों में जारी हुआ चेतावनी संदेश
गंडक नदी में बढ़ते जलस्तर से हाई अलर्ट, सभी 36 गेट खोले गए,
तिब्बत में हिमनद झील फटने से भोटे कोशी नदी में तेज लहर, गंडक बेसिन के जिलों में जारी हुआ चेतावनी संदेश
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा
तिब्बत प्रभाग में हिमनद झील फटने के बाद भोटे कोशी नदी में करीब तीन मीटर ऊंची तेज लहर प्रवाहित होने की सूचना से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में त्रिशूली नदी में मिलती है। इस घटना के कारण इसके निम्नप्रवाह में गंडक नदी के जलश्राव और जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि की आशंका जताई गई है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार बुधवार दोपहर 12 बजे वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से करीब 86 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित हुआ, जिसकी प्रवृत्ति बढ़ने की बताई गई है। वहीं नेपाल क्षेत्र में नारायणी नदी के देवघाट गेज स्थल पर जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 9 मीटर और चेतावनी स्तर 7.30 मीटर निर्धारित है।
विभाग के अनुसार देवघाट में नदी का जलस्तर बढ़ने पर गंडक बराज तक पानी पहुंचने में करीब साढ़े तीन घंटे का समय लग सकता है। संभावित खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तत्काल सतर्कता बढ़ा दी है।
गंडक बराज के सभी 36 गेट खोले गए
स्थिति को देखते हुए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। बराज की स्थिति पर निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर से अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी दल को भी भेजा गया है। गंडक नदी बेसिन में आने वाले सभी जिलों को चेतावनी संवाद जारी कर दिया गया है।
संबंधित विभागीय अधिकारियों को संभावित आकस्मिक स्थिति को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने, लगातार निगरानी करने और तटबंधों की स्थिति पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सामग्रियों के भंडारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।
तटबंध के अंदर रहने वालों को माइकिंग से किया जाएगा सतर्क
मुख्य सचिव, बिहार के स्तर से संबंधित सभी जिलाधिकारियों के साथ आकस्मिक बैठक कर स्थिति की जानकारी दी गई। अधिकारियों को तटबंध के अंदर बसे लोगों को माइकिंग के माध्यम से संभावित खतरे से अवगत कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
संभावित प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की जा रही हैं। प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने की स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री, बिहार ने मुख्य सचिव, प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन विभाग और सचिव जल संसाधन विभाग के साथ बैठक कर गंडक नदी में संभावित जलवृद्धि की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हाई अलर्ट मोड में रहने, सभी आवश्यक कार्रवाई समय पर सुनिश्चित करने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया है।
प्रशासन की ओर से लोगों से भी सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।