26,745 नोटिसों के विवाद पर हाईलेवल कमेटी गठित,

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी करेंगे अध्यक्षता, नियमों के साथ आम लोगों और कारोबारियों के हितों पर भी होगा विचार

दस्तक 7मीडिया /पटना 

पटना नगर निगम की ओर से आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर जारी किए गए नोटिसों के विवाद को सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी करेंगे। समिति नगर निगम की कार्रवाई, संपत्ति मालिकों की आपत्तियों और कर वसूली से जुड़ी विसंगतियों का अध्ययन कर व्यावहारिक समाधान सुझाएगी।

यह निर्णय 25 अगस्त को पटना शहरी क्षेत्र के एनडीए विधायकों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपे जाने के बाद लिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम की कार्रवाई से उत्पन्न स्थिति और आम लोगों तथा कारोबारियों की समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया था।

26,745 संपत्तियों को लेकर विवाद

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पटना नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में बिना अनुमति संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को चिह्नित कर नोटिस जारी करना शुरू किया था। इनमें दुकान, अस्पताल, छात्रावास, कार्यालय सहित कई तरह की गतिविधियां शामिल हैं। निगम की ओर से करीब 26,745 संपत्ति मालिकों को नोटिस दिए जाने की कार्रवाई की गई।

नगर निगम की कार्रवाई के बाद शहर के छोटे-बड़े कारोबारियों और स्थानीय पार्षदों में नाराजगी सामने आई। उनका सवाल है कि जिन संपत्तियों से निगम वर्षों से व्यावसायिक दर पर संपत्ति कर वसूलता रहा, उन्हें अब अचानक अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग बताकर कार्रवाई की चेतावनी क्यों दी जा रही है।

मेयर का आवास भी कार्रवाई की जद में

नगर निगम की कार्रवाई की जद में पटना की मेयर सीता साहू और उनके परिजन भी आए हैं। उन्हें भी आवासीय परिसर के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद विवाद और अधिक चर्चा में आ गया।

छह अंचलों में जारी है जनसुनवाई

फिलहाल पटना नगर निगम के सभी छह अंचलों कंकड़बाग, पाटलिपुत्र, बांकीपुर, अजीमाबाद, पटना सिटी और न्यू कैपिटल सर्किल में संबंधित संपत्ति मालिकों की आपत्तियां सुनी जा रही हैं। अधिकारियों की ओर से जनसुनवाई के माध्यम से लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है।

अब सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति पूरे मामले का अध्ययन करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ आम लोगों और कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।