पेपरलेस व्यवस्था लागू होते ही बिरौल निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा, आसपास के कारोबारियों पर भी संकट

दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता,दरभंगा।


अवर निबंधक कार्यालय बिरौल में जमीन रजिस्ट्री की डिजिटल यानी पेपरलेस व्यवस्था लागू होते ही अचानक चहल-पहल गायब हो गई है। जिस कार्यालय परिसर और उसके आसपास दिनभर खरीदारों, विक्रेताओं और बिचौलियों की भीड़ उमड़ती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। डिजिटल प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन डीड, ई-स्टाम्प, ओटीपी और बायोमेट्रिक सत्यापन की नई व्यवस्था से जहां आम लोगों को लंबे समय तक दफ्तर के चक्कर लगाने से राहत मिली है, वहीं अचानक आए इस बदलाव से स्थानीय व्यावसायिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर लगने वाला तांता खत्म होने से आसपास के होटल, चाय-नाश्ते के स्टॉल, फोटोस्टेट और स्टेशनरी की दुकानों पर बिक्री न के बराबर रह गई है। पहले जहां हर दिन दर्जनों जमीनों की रजिस्ट्री के सिलसिले में सैकड़ों लोग पहुंचते थे, वहीं अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया होने के कारण भौतिक मौजूदगी बेहद सीमित हो गई है।
प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी और बिचौलिया संस्कृति पर लगाम लगेगी। हालांकि, ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों के लिए नई ऑनलाइन प्रक्रिया को समझना और बिना कागजी लिखापढ़ी के तुरंत ढल जाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। दस्तावेज लेखकों (कातिबों) और आम जनता के बीच इस प्रणाली की पूरी जानकारी न होने के कारण फिलहाल रजिस्ट्री की गति भी सुस्त पड़ी है, जिससे दफ्तर में सन्नाटा बना हुआ है।