बिरौल प्रखंड कार्यालय परिसर से निकली विशाल कलश यात्रा।

दस्तक 7 मिडिया बिरौल दरभंगा।

गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को बिरौल प्रखंड मुख्यालय में समरसता संकल्प अभियान के तहत एक भव्य एवं ऐतिहासिक कलश यात्रा का आयोजन किया गया। भक्ति, उत्साह और सामाजिक एकजुटता के माहौल में निकली इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र को समरसता के रंग में रंग दिया।
कलश यात्रा का शुभारंभ प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर से हुआ। सिर पर मंगल कलश लिए बड़ी संख्या में शामिल महिलाओं, जीविका दीदियों, विकास मित्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के उत्साह से पूरा मार्ग भक्तिमय हो गया। यह यात्रा प्रखंड मुख्यालय से प्रस्थान कर बेंक, बलिया, डुमरी, सुपौल, उछटी और सोनपुर पघारी जैसे विभिन्न गांवों व पंचायतों से गुजरते हुए पुनः प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान जगह-जगह सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे, समानता और सद्भाव का संदेश दिया गया। बीडीओ प्रदीप कुमार झा संत रविदास जी के कलश को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि संत रविदास जी के विचार आज के दौर में भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में मानवता, समानता और भाईचारे की जो अलख जगाई, उसे अपनाकर ही एक सशक्त और सौहार्दपूर्ण समाज का निर्माण किया जा सकता है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सह बीस सूत्री उपाध्यक्ष पंकज झा ने कहा कि संत रविदास जी के आदर्शों पर चलकर समाज से जातीय व सामाजिक भेदभाव को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उनके विचार हर वर्ग को जोड़ने का कार्य करते हैं।
भाजपा जिला प्रवक्ता केशव आचार्य लोगों से भेदभाव से ऊपर उठकर मानव कल्याण के लिए आगे आने की अपील करते हुए केशव आचार्य ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन दर्शन हमें समाज के अंतिम व्यक्ति को भी साथ लेकर चलने की प्रेरणा देता है।
भाजपा मंडल उपाध्यक्ष सोहन कुमार ने कहा नई पीढ़ी तक संत रविदास जी के संदेशों को पहुंचाने को सभी की नैतिक जिम्मेदारी बताया और कहा कि उनके मार्ग पर चलकर ही समाज में प्रेम और सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा। सरपंच गौरी शंकर पासवान ने कहा कि संत रविदास जी का पूरा जीवन मानवता और समरसता को समर्पित था। उन्होंने सभी से सामाजिक एकता को मजबूत करने वाले कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। भाजपा मंडल महामंत्री भोलू चौधरी ने कहा कि संत रविदास जी के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करके ही हम आपसी सहयोग और भाईचारे को और प्रगाढ़ कर सकते हैं। मौके पर कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।