दरभंगा में पुलिस बर्बरता का परिणाम है मोनू आत्महत्या कांड, मोनू आत्महत्या कांड का उच्चस्तरीय जांच हो, तथा दोषी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई हो : माले
दरभंगा में पुलिस बर्बरता का परिणाम है मोनू आत्महत्या कांड, मोनू आत्महत्या कांड का उच्चस्तरीय जांच हो, तथा दोषी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई हो : माले
दरभंगा में पुलिस बर्बरता का परिणाम है मोनू आत्महत्या कांड,
मोनू आत्महत्या कांड का उच्चस्तरीय जांच हो, तथा दोषी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई हो : माले
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
बहादुरपुर थाना क्षेत्र खराजपुर गांव में पिछले दिनों मोनू आत्महत्या कांड को लेकर आज भाकपा(माले) की जांच टीम आज पीड़ित परिवार से मिलकर पूरा स्थिति को जाना। जांच टीम में भाकपा(माले) जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, प्रखंड सचिव विनोद सिंह, मोहम्द शौकत, रामदेव मंडल, अनीता देवी शामिल थीं।
जांच टीम को पीड़ित परिवार ने बताया कि STF की पुलिस सादा लिवास में बार – बार मोनू को परेशान करता था और उससे पैसा मांगता था। और उसी दबाव में मोनू से आत्महत्या कर लिया।
जांच टीम के हवाले से भाकपा(माले) जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि भाजपा – जदयू के राज में पुलिस को मिले खुली छूट का परिणाम है मोनू आत्महत्या कांड, उन्होंने कहा कि पुलिस की बर्बरता लगातार सामने आ रही है।
मोनू आत्महत्या कांड में भी STF जवान की भूमिका संदिग्ध है।
उन्होंनें कहा कि मोनू और STF जवान के बीच का बातचीत मोनू के मोबाइल का काल डिटेल से पता चल सकता है।
श्री यादव ने कहा कि एसटीएफ के नाम पर मृतक मोनू सहनी के पिता जागे सहनी के घर पहुंचे तीन मोटरसाइकिल सवार एस टी एफ के जवानों को तत्काल पुलिस प्रशासन गिरफ्तार करे तथा मोनू आत्महत्या कांड की उच्चस्तरीय जांच कराई जाय जिससे कि आत्महत्या का पोल खुल सकें। साथ ही साथ मृतक के परिजन को 10 लाख मुआवजा देने की मांग की।