बिरौल में बने 812 पशु शेड के भुगतान से पहले हुई स्थलीय जांच, जिला प्रशासन ने गठित की अधिकारियों की जांच टीम पहुंची पंचायतों में

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

बिरौल प्रखंड में मनरेगा योजना के तहत निर्मित पशु शेड निर्माण के बकाया भुगतान को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। भुगतान की अनुशंसा के बाद अब राशि जारी करने से पहले सभी 812 पशु शेडों की धरातल पर जांच (भौतिक सत्यापन) की जा रही है। इसके लिए जिला पदाधिकारी (दरभंगा) के आदेश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत मनरेगा मद से कार्यान्वित पशु शेड निर्माण योजना के तहत लंबित देयता का भुगतान SNA SPARSH के माध्यम से किया जाना है। कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के देयताओं के विरुद्ध बिरौल प्रखंड की 04 पंचायतों में निर्मित कुल 812 पशु शेडों के भुगतान की अनुशंसा भेजी गई थी।
हालांकि, भुगतान प्रक्रिया पूरी करने से पहले पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सर्वाधिक पशु शेड वाली पंचायतों में अधिकारियों की टीम भेजकर स्थलीय जांच कराई जा रही है। यह जांच दिनांक 12 अगस्त 2026 से ही शुरू की गई है, जिसका समय सीमा 14 अगस्त तक निर्धारित किया गया है। जानकारी के अनुसार जांच टीम बिरौल प्रखंड में 4 ग्राम पंचायतों में जाकर पशु शेडों का निरीक्षण किया है। जिसमें कमरकला पंचायत में कुल 261 पशु शेड,गनौरा तरवाड़ा पंचायत कुल 300 पशु शेड का जांच कार्य लगभग संपन्न हो गया है। शेष बचे
पोखराम उत्तरी पंचायत में कुल 126 और
रामनगर पंचायत में कुल 125 पशु शेड (जांच तिथि 14 अगस्त 2026) निर्धारित किया गया।
प्रशासन ने निष्पक्ष जांच के लिए प्रखंड और जिला स्तर के वरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। जांच दल में प्रमुख रूप से शशांक राज (अनुमंडल पदाधिकारी, बिरौल), अरविन्द कुमार (जिला विकास पदाधिकारी, दरभंगा),सुश्री मयंक सिंह (भूमि सुधार उप समाहर्ता, बिरौल), प्रदीप कुमार झा (प्रखंड विकास पदाधिकारी, बिरौल),सुश्री कुमारी सरिता रानी (अंचल अधिकारी, बिरौल), रमेश कुमार (प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, बिरौल), राजीव कुमार (अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी -सह- प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, बिरौल),श्रीमती कृष्णा कुमारी (सहायक परियोजना अधिकारी, DRDA),श्री कृष्ण कुमार (सहायक परियोजना अधिकारी, DRDA) शिमिल हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी नामित जांच पदाधिकारी स्थलीय जांच के उपरांत साक्ष्य सहित अपनी रिपोर्ट एवं मंतव्य तीन दिनों के अंदर जिला पदाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, बिरौल के कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे जांच दल को आवश्यक अभिलेख और पूर्ण सहयोग प्रदान करें।