त्योहारों में उपद्रवियों पर अब पुलिस का सीधा शिकंजा, आईजी, डीआईजी और एसपी को विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति, शांति भंग की आशंका पर भरवा सकेंगे मुचलका
त्योहारों में उपद्रवियों पर अब पुलिस का सीधा शिकंजा, आईजी, डीआईजी और एसपी को विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति, शांति भंग की आशंका पर भरवा सकेंगे मुचलका
त्योहारों में उपद्रवियों पर अब पुलिस का सीधा शिकंजा,
आईजी, डीआईजी और एसपी को विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति, शांति भंग की आशंका पर भरवा सकेंगे मुचलका
दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा
बिहार सरकार ने पर्व-त्योहारों, मेलों और जुलूसों के दौरान कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस के वरीय अधिकारियों को विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां प्रदान की हैं। अब पुलिस जोन और रेंज में तैनात पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) और जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शांति भंग की आशंका वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सीधे कार्रवाई कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत इन अधिकारियों को ऐसे लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बॉन्ड यानी मुचलका भरवाने की कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा। अब तक इस तरह की कार्रवाई मुख्य रूप से जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी और कार्यपालक दंडाधिकारी के स्तर से होती थी।
प्रशासनिक प्रक्रिया में आएगी तेजी
सरकार के इस फैसले से संवेदनशील मौकों पर पुलिस की कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है। पर्व-त्योहारों, जुलूसों और मेलों से पहले पुलिस शांति भंग करने की आशंका वाले लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ तत्काल कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकेगी। इससे असामाजिक तत्वों की सूची तैयार कर उसे अलग से दंडाधिकारी के पास भेजने और कार्रवाई के लिए लंबा इंतजार करने की जरूरत कम होगी।
बड़े आयोजनों में रहेगी विशेष निगरानी
दुर्गापूजा, मुहर्रम, छठ सहित अन्य बड़े पर्व-त्योहारों और जुलूसों के दौरान पुलिस अधिकारियों को यह अधिकार विशेष रूप से प्रभावी माना जा रहा है। पुलिस पहले से चिन्हित संवेदनशील लोगों पर नजर रख सकेगी और शांति भंग की आशंका होने पर उन्हें कानूनी रूप से पाबंद कर सकेगी।
मुचलका तोड़ा तो हो सकती है कार्रवाई
बॉन्ड भरने के बाद संबंधित व्यक्ति को शांति व्यवस्था बनाए रखने की शर्तों का पालन करना होगा। निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का उद्देश्य इस व्यवस्था के जरिए संभावित उपद्रव को घटना से पहले ही रोकना और पर्व-त्योहारों के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना है।
पटना में निकली विशाल तिरंगा यात्रा, 10 हजार लोगों ने लहराया राष्ट्रध्वज, जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक निकली यात्रा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया नेतृत्व
गांव की बेटी बनी डीएसपी तो घर पहुंचे खान सर, जमीन पर बैठकर खाया खाना