बिहार में रजिस्ट्री व्यवस्था हुई पूरी तरह डिजिटल, अब 100% पेपरलेस होगा जमीन-संपत्ति का निबंधन
बिहार में रजिस्ट्री व्यवस्था हुई पूरी तरह डिजिटल, अब 100% पेपरलेस होगा जमीन-संपत्ति का निबंधन
बिहार में रजिस्ट्री व्यवस्था हुई पूरी तरह डिजिटल, अब 100% पेपरलेस होगा जमीन-संपत्ति का निबंधन
दस्तक 7 मीडिया / दरभंगा
बिहार सरकार ने जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जालसाजी मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 1 अगस्त 2026 से पूरे राज्य में 100 प्रतिशत पेपरलेस और डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था लागू कर दी है। नई तकनीक आधारित इस व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत वैशाली (हाजीपुर) जिला निबंधन कार्यालय से की गई।
नई व्यवस्था के तहत अब रजिस्ट्री के लिए मोटी फाइलों और कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी। सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे और रजिस्ट्री पूरी होते ही उसकी डिजिटल प्रति संबंधित पक्षकारों के मोबाइल पर उपलब्ध करा दी जाएगी।
सरकार ने दस्तावेजनवीस (कातिब) और अधिवक्ताओं को ‘सर्विस प्रोवाइडर’ की भूमिका दी है। वे आईआरएस (IRS) पोर्टल के माध्यम से पक्षकारों का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।
नई प्रणाली में 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए घर बैठे रजिस्ट्री कराने की विशेष सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। वहीं, फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए ई-फाइलिंग, ई-साइन (E-sign) और अनिवार्य बायोमेट्रिक सत्यापन को लागू किया गया है।
संपत्ति का सरकारी मूल्यांकन, स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क का निर्धारण भी पूरी तरह ऑनलाइन होगा। इसके साथ ही नागरिक ऑनलाइन स्लॉट बुक कर अपनी सुविधा के अनुसार रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
आम लोगों को होंगे कई बड़े फायदे
नई डिजिटल व्यवस्था से लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। निबंधन कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और दलालों पर निर्भरता भी घटेगी। सभी दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे, जिससे उनके खोने या क्षतिग्रस्त होने की आशंका समाप्त होगी।
इसके अलावा रजिस्ट्री से पहले जमीन की आधिकारिक और अद्यतन कानूनी स्थिति तथा म्यूटेशन की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और भूमि विवादों में कमी आने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था बिहार में भूमि निबंधन प्रक्रिया को आधुनिक, सरल, सुरक्षित और पूरी तरह नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।