बिहार में 7 साल बाद फिर लौटी जोनल पुलिसिंग व्यवस्था, चार जोन में बंटा राज्य, पुलिसिंग होगी और मजबूत

दस्तक 7मीडिया / संजय कुमार राय 

बिहार में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और फील्ड पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने सात साल बाद एक बार फिर जोनल पुलिसिंग व्यवस्था लागू कर दी है। गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक संकल्प जारी कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत राज्य के 12 पुलिस रेंज को पुनर्गठित कर चार बड़े पुलिस जोन में विभाजित किया गया है।

सरकार का मानना है कि इस कदम से पुलिस व्यवस्था में बेहतर निगरानी, जवाबदेही और समन्वय स्थापित होगा, जिससे आम लोगों का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होगा।

आईजी के नेतृत्व में होंगे जोन, डीआईजी संभालेंगे रेंज

नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक जोन की कमान आईजी (पुलिस महानिरीक्षक) स्तर के अधिकारी के पास होगी। उनके अधीन आने वाले पुलिस रेंज की जिम्मेदारी डीआईजी (उप पुलिस महानिरीक्षक) संभालेंगे। इससे पुलिस मुख्यालय और जिलों के बीच समन्वय बेहतर होने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था की निगरानी भी अधिक प्रभावी होगी।

चार जोन में इस तरह हुआ पुनर्गठन

पटना जोन में केंद्रीय क्षेत्र पटना, मगध क्षेत्र गया और शाहाबाद क्षेत्र डेहरी ऑन सोन को शामिल किया गया है।

मुजफ्फरपुर जोन में तिरहुत क्षेत्र मुजफ्फरपुर, चंपारण क्षेत्र बेतिया और सारण क्षेत्र छपरा को रखा गया है।

दरभंगा जोन के अंतर्गत मिथिला क्षेत्र दरभंगा, कोशी क्षेत्र सहरसा और पूर्णिया क्षेत्र शामिल किए गए हैं।

भागलपुर जोन में पूर्वी क्षेत्र भागलपुर, मुंगेर क्षेत्र और बेगूसराय क्षेत्र को जोड़ा गया है। वहीं रेल पुलिस पहले की तरह स्वतंत्र रूप से कार्य करती रहेगी।

2019 में खत्म हुई थी व्यवस्था, अब फिर वापसी

बिहार में जोनल पुलिसिंग व्यवस्था पहली बार 1982 में लागू की गई थी, जो करीब 37 वर्षों तक प्रभावी रही। वर्ष 2019 में इसे समाप्त कर 12 पुलिस रेंज की व्यवस्था लागू की गई थी, ताकि फाइलों की प्रक्रिया तेज हो सके। लेकिन अब 2026 में सरकार ने इसे फिर से बहाल करने का निर्णय लिया है।

पुलिसिंग में आएगी तेजी, बढ़ेगी जवाबदेही

नई व्यवस्था लागू होने के बाद रेंज डीआईजी सीधे जिलों की निगरानी करेंगे, जबकि जोन आईजी पूरे क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। इससे त्योहारों, चुनावों और वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान जिलों के बीच पुलिस बल का बेहतर समन्वय संभव होगा। साथ ही पुलिस मुख्यालय को भी चार जोन के माध्यम से त्वरित रिपोर्ट और फीडबैक मिलेगा, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी।

लोगों ने फैसले का किया स्वागत

दरभंगा समेत राज्य के कई जिलों में इस फैसले का स्वागत किया गया है। लोगों का कहना है कि जोनल पुलिसिंग व्यवस्था बहाल होने से पुलिस की जवाबदेही बढ़ेगी, गंभीर मामलों की निगरानी बेहतर होगी और आम लोगों को न्याय मिलने की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और प्रभावी होगी।