कोसी की उपनदी पर अधूरा पुल, जान जोखिम में डालकर ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ के सहारे सफर को मजबूर जमालपुर के लोग
कोसी की उपनदी पर अधूरा पुल, जान जोखिम में डालकर ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ के सहारे सफर को मजबूर जमालपुर के लोग
कोसी की उपनदी पर अधूरा पुल, जान जोखिम में डालकर ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ के सहारे सफर को मजबूर जमालपुर के लोग
दस्तक 7 मिडिया,बिरौल, दरभंगा।
जिले के जाले प्रखंड अंतर्गत जमालपुर से होकर गुजरने वाली कोसी की उपनदी पर पुल निर्माण की कछुए की चाल ने स्थानीय ग्रामीणों का धैर्य तोड़ दिया है। वर्षों से लंबित पड़े इस निर्माण कार्य की सुस्त गति से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पुल न होने के कारण ग्रामीण नदी पार करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ और नावों के सहारे आवागमन करने को विवश हैं।ग्रामीणों का कहना है कि पुल के अभाव में इस नदी को पार करने के दौरान अब तक कई बड़ी नाव दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें आधा कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही है, और लोग हर दिन मौत के साये में सफर करने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों का आक्रोश अब मुखर हो चुका है। लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मांग की है कि पुल निर्माण कार्य में आ रही अड़चनों को दूर कर इसे युद्ध स्तर पर तेज किया जाए। निर्माण कार्य को इसी वर्ष यानी 2026 के भीतर ही पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए, ताकि रोज-रोज के जोखिम भरे सफर से निजात मिल सके। मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग से क्षेत्रवासियों की सीधी गुहार है कि उनकी इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लिया जाए, अन्यथा यह अधूरा पुल कभी भी किसी बड़े जनज्वार या बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है।
पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग पर सरकार गंभीर, मुख्यमंत्री के सहयोग शिविर से उठी आवाज़ के बाद बनी उच्चस्तरीय समिति
दरभंगा में बेखौफ बदमाशों का तांडव: माइक्रोफाइनेंस अधिकारी को ओवरटेक कर मारी गोली, कुछ ही देर में दूसरी फायरिंग से दहशत, सरेराह चली गोलियां,रात के अंधेरे में आधे घंटे के भीतर दो वारदात ।