NEET-UG आंदोलन पर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले दर्ज 64 केस होंगे वापस,

महाधिवक्ता ने सभी जिलाधिकारियों और लोक अभियोजकों को जारी किया आदेश, कार्रवाई की रिपोर्ट सरकार और महाधिवक्ता कार्यालय को भेजने के निर्देश

दस्तक 7मीडिया /पटना 

बिहार सरकार ने NEET-UG परीक्षा के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों को बड़ी राहत देते हुए 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस संबंध में बिहार के महाधिवक्ता कार्यालय ने 28 जुलाई 2026 को सभी जिलाधिकारियों और लोक अभियोजकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

महाधिवक्ता एस.डी. संजय द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि सरकार के निर्णय का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। सभी लोक अभियोजकों से मामलों की वापसी की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने तथा जिलाधिकारियों से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा गया है। साथ ही, प्रत्येक जिले को कार्रवाई पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट बिहार सरकार और महाधिवक्ता कार्यालय को अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।

सरकारी सूची के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में दर्ज कुल 64 आपराधिक मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इनमें सबसे अधिक मामले पटना जिले के गांधी मैदान, कोतवाली, सचिवालय और शास्त्रीनगर थानों में दर्ज हैं। इसके अलावा दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सारण, सीवान, गोपालगंज, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, जहानाबाद, नालंदा, वैशाली, पश्चिम चंपारण, भागलपुर, औरंगाबाद, लखीसराय, किशनगंज, सीतामढ़ी तथा मुंगेर सहित कई जिलों के मामले भी सूची में शामिल हैं।

इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम तथा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

सरकार के इस फैसले को NEET-UG आंदोलन से जुड़े छात्रों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है। अब संबंधित अदालतों में विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन मामलों की वापसी की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।