बिहार की 11 ऐतिहासिक-धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा अब BSAP के हवाले, गृह विभाग ने किया अधिसूचित प्रतिष्ठान घोषित
बिहार की 11 ऐतिहासिक-धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा अब BSAP के हवाले, गृह विभाग ने किया अधिसूचित प्रतिष्ठान घोषित
बिहार की 11 ऐतिहासिक-धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा अब BSAP के हवाले, गृह विभाग ने किया अधिसूचित प्रतिष्ठान घोषित
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
बिहार सरकार ने राज्य की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। गृह विभाग ने बिहार के 11 प्रमुख ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) को सौंप दी है। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम, 2021 के तहत इन सभी स्थलों को तत्काल प्रभाव से ‘अधिसूचित प्रतिष्ठान’ (Specified Establishments) घोषित कर दिया गया है।
सरकार के इस निर्णय के बाद इन महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा विशेष रूप से प्रशिक्षित BSAP के जवानों के जिम्मे होगी। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भीड़ प्रबंधन तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी की गई है।
सुरक्षा के दायरे में पटना का महावीर मंदिर और तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब, गया का विष्णुपद मंदिर, राजगीर का विश्व शांति स्तूप, नालंदा के प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर, वैशाली का बुद्ध अवशेष स्तूप, रोहतास जिले के सासाराम स्थित शेरशाह सूरी का मकबरा, तथा सीतामढ़ी के पुनौराधाम और बगही धाम सहित कुल 11 प्रमुख स्थल शामिल हैं।
गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार इन परिसरों में तैनात BSAP के हवलदार और उससे ऊपर के अधिकारियों को विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम की धारा 7, 8 और 9 के तहत विशेष अधिकार प्राप्त होंगे। सुरक्षा को खतरा होने या आपात स्थिति में ये अधिकारी आवश्यक कानूनी कार्रवाई, तलाशी, हिरासत और अन्य त्वरित कदम उठा सकेंगे।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से राज्य की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा और मजबूत होगी, साथ ही श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।