5136 दागी अफसर-कर्मियों की सूची जारी, अब प्रोन्नति पर विभाग खुद करेंगे फैसला
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
बिहार सरकार के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) ने राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत 5136 दागी अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची जारी कर दी है। यह सूची सभी विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों तथा राज्य के सभी 38 जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) को भेज दी गई है। इस कदम से अब विभागों को अपने स्तर पर कर्मियों की प्रोन्नति (प्रमोशन) से संबंधित निर्णय लेने में आसानी होगी और हर बार निगरानी विभाग से अलग से स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
निगरानी ब्यूरो के अनुसार सूची में शामिल सभी 5136 अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार अथवा अन्य गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज है तथा संबंधित मामलों में अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।
जारी सूची के अनुसार शिक्षा विभाग सबसे अधिक दागी कर्मियों वाला विभाग है, जहां 988 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामले दर्ज हैं। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में लगभग 545, पंचायती राज विभाग में 348, बिहार पुलिस में 288 तथा सामान्य प्रशासन विभाग में 251 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामले लंबित हैं।
निगरानी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब संबंधित प्रशासनिक विभाग अपने स्तर पर ही निगरानी स्वच्छता (विजिलेंस क्लीयरेंस) का निर्धारण कर सकेंगे। इससे प्रोन्नति संबंधी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और अनावश्यक प्रशासनिक विलंब कम होगा।
विभाग ने यह भी बताया कि दागी अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची हर वर्ष जनवरी और जुलाई में अद्यतन कर सभी विभागों को उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान सूची 30 जून 2026 तक उपलब्ध मामलों के आधार पर तैयार की गई है।
साथ ही सभी विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर इन मामलों का अद्यतन रिकॉर्ड सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में प्रोन्नति, पदस्थापन और अन्य प्रशासनिक निर्णयों के दौरान पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।