बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव में ‘बलकट्वा’ चोर का आतंक! चोरों को न सोना चाहिए, न पैसा……… बस चाहिए बाल,वह भी छोड़ देता हे ?कहीं काला जादू का टोनका तो नहीं ????
बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव में ‘बलकट्वा’ चोर का आतंक! चोरों को न सोना चाहिए, न पैसा……… बस चाहिए बाल,वह भी छोड़ देता हे ?कहीं काला जादू का टोनका तो नहीं ????
बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव में ‘बलकट्वा’ चोर का आतंक! चोरों को न सोना चाहिए, न पैसा……… बस चाहिए बाल,वह भी छोड़ देता हे ?कहीं काला जादू का टोनका तो नहीं ????
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
बहादुरपुर थाना का डरहार गांव इन दिनों बलकट्वा चोर को लेकर चर्चा में हे ?जी हाँ ,सुनने में अजीब लगता हे लेकिन यह रहस्यमयी घटना सत्य प्रतीत हो रहा हे ,जैसे लग रहा हे कि कोई काले जादू के सीखने का अभ्यास कर रहा हे और उसमें एक विधि का टोटका महिला /लड़कियों के बाल को काटकर किया जा रहा हे ?कुछ दिन पहले यह चर्चा पास के घरों में हुई , गांव की इस घटना में करिश्मा के बाल को चाकू से काटकर करिश्माई जादू का संकेत चोरों ने दिया , सोना ,चांदी पैसे भी लूटे ,अब ताजा मामला फिर सामने आया हे ,सुमन कुमार चौधरी के घर चोर फिर घुसकर उनकी पुत्री का बाल काटकर फरार हो गया हे और पूरे गांव में सनसनी मचा दी हे।करिश्मा के घर चाकू से बाल काटने और लूटपाट की घटना बताई गई लेकिन इस घर में चोरों ने कोई लूटपाट नहीं की, बस बाल काटकर गायब हो जाने की बात सामने आई हे,दोनों घटनाओं में बस एक बात कॉमन हे वह हे चोरों का काला ड्रेस ???
इस घटना के चर्चा में आते ही दरभंगा के एसएसपी ,सीटी एसपी ,ग्रामीण एसपी ,सदर डीएसपी ,थानाध्यक्ष सभी घटना स्थल की और दौड़ पड़े ,पीड़ित और उसके परिवार के लोंगों से वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने पूछताछ की और थानाध्यक्ष को कई निर्देश दिये।
घटना सुबह के ढाई -तीन बजे की बतायी जा रही हे ,बताया जा रहा हे कि देर रात तक पढ़ते पढ़ते सुमन चौधरी की बच्ची सो गई ,लेप टॉप उसके बगल में था।कुछ आवाज सुनाई दी ,लड़की उठ गई ,गेट खोली तो कुछ देर में काले रंग के ड्रेस में कोई खड़ा दिखाई दिया ,क्यूंकि गेट पर बल्ब जल रहा था ,इतने में वह मोबाईल ढूंढी ,मोबाईल नहीं मिला ,वह ऊपर दौड़कर मम्मी पापा को जगाई ,फिर सभी नीचे आयें ,तो देखा कि कुछ कपड़े और समान आलमारी से गिरकर बिखरे पड़े हे ,लेप टॉप ढूंढी तो जहा लेप टॉप था वहां से गायब मिला ,इतने में जब गिरे कपड़े को हटाया गया तो मोबाईल कपड़े के नीचे मिला ,वहीं लेप टॉप एक बैग में था ?सिर से काटे बाल दाहिने साईड में पड़ा मिला।घनी आबादी के बीच डरहार गांव में इस तरह की घटना को अंजाम देकर चोरों का भाग निकलना साहस भरा कार्य हे ,अब तो ऐसा लगता हे कि ग्रामीणों को भी इस चुनौती से निपटने के लिये तैयार होना पड़ेगा और स्थानीय पुलिस को भी ऐसे चोरों की चुनौती स्वीकार करना पड़ेगा ताकि इस मामले का खुलासा हो सके ?दोनों घटनाओं में एक बात कॉमन हे ,काला ड्रेस और बाल काटना ?सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस का साथ नहीं दें रहा हे ,क्यूंकि घटना के वक्त या उसके बाद तक किसी के आने जाने का फोटो नहीं दिख रहा हे।
स्थानीय पुलिस को लगातार बलकटवा गिरोह का चोर चुनौती दें रहा हे ,ऐसे में पुलिस को थोड़ा बारीकी से भी पुलिसिंग करने के जरूरत हे।
पहली घटना में बहादुरपुर थाना पुलिस को पहला फोन किसने किया ,बार बार फोन कौन किया ,इस बिंदु पर भी बारीकी से अनुसंधान करना जरूरी हे क्यूंकि काले ड्रेस के पीछे कहीं काले जादू का प्रकोप तो नहीं ,क्यूंकि सवाल यही हे कि क्या डरहार गांव में सिर्फ बाल काटने के लिये काले ड्रेस में चोर आकर घटना को अंजाम देकर गायब हो जाता हे ,कहीं ऐसा तो नहीं कि पहले घटना के समर्थन में इस घटना को अंजाम दिया गया हो।हालांकि जिला के सभी पुलिस पदाधिकारी हैरत में हे कि बलकट्टवा अपराधी कौन हे ,जो सघन बस्ती में आकर इस तरह की घटना को अंजाम देकर गायब हो जाता हे।
गांव में अब चर्चा यह भी है कि आखिर यह कैसा चोर है, जिसे न नकदी की चिंता है, न जेवर की, बल्कि बालों में ही दिलचस्पी है! कुछ लोग इसे अंधविश्वास और काले जादू से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे किसी शरारती या मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति की करतूत मान रहे हैं और कुछ कह रहे हे ऐसा हो भी सकता हे ?