बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव में ‘बालकट्टा’ का आतंक! चोरों को न सोना चाहिए, न पैसा……… बस चाहिए बाल?
बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव में ‘बालकट्टा’ का आतंक! चोरों को न सोना चाहिए, न पैसा……… बस चाहिए बाल?
बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव में ‘बालकट्टा’ का आतंक! चोरों को न सोना चाहिए, न पैसा……… बस चाहिए बाल?
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
बहादुरपुर थाना का डरहार गांव इन दिनों बालकट्टा को लेकर सुर्खिया बटोर रहा हे ?जी हाँ ,सुनने में अजीब लगता हे लेकिन यह रहस्यमयी घटना सत्य प्रतीत हो रहा हे ,जैसे लग रहा हे कि कोई काले जादू के सीखने का अभ्यास कर रहा हे और उसमें एक विधि काले बाल को काटना हे ?कुछ दिन पहले इसी गांव की घटना में करिश्मा के बाल को चाकू से काटकर करिश्माई जादू का संकेत चोरों ने दिया फिर सुमन कुमार चौधरी के पुत्री आकांक्षा भारद्वाज का छोटी कैंची से बाल काटकर चोरों ने पूरे गांव में सनसनी मचा दी हे ,करिश्मा के घर लूट पाट की घटना तो बताई गई ,लेकिन आकांक्षा के घर में चोरों ने कुछ भी सामान नहीं लूटा बस इसका बाल काटकर कहानी को इति श्री कर दिया।दोनों घटनाओं में काला ड्रेस चर्चा का विषय हे।
अब इस घटना के सुनते ही दरभंगा के एसएसपी ,सीटी एसपी ,ग्रामीण एसपी ,सदर डीएसपी ,थानाध्यक्ष सभी घटना स्थल की और दौर पड़े ,पीड़ित आकांक्षा और उसके परिवार के लोंगों से वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने पूछताछ की और थानाध्यक्ष को कई निर्देश दिये।
घटना सुबह के ढाई -तीन बजे की बतायी जा रही हे ,बताया जा रहा हे कि देर रात तक पढ़ते पढ़ते आकांक्षा सो गई ,लेप टॉप उसके बगल में था।कुछ आवाज सुनाई दी ,आकांक्षा उठ गई ,गेट खोली तो कुछ देर में काले रंग के ड्रेस में कोई खड़ा दिखाई दिया ,क्यूंकि गेट पर बल्ब जल रहा था ,इतने में वह मोबाईल ढूंढी ,मोबाईल नहीं मिला ,वह ऊपर दौड़कर मम्मी पापा को जगाई ,फिर सभी नीचे आयें ,तो देखा कि समान आलमारी से गिरकर बिखरा पड़ा हे ,लेप टॉप ढूंढी तो जहा लेप टॉप था वहां से गायब मिला ,इतने में जब गिरे कपड़े को हटाया गया तो मोबाईल कपड़े के नीचे मिला ,वहीं लेप टॉप एक बैग में था ?सिर से काटे बाल दाहिने साईड में पड़ा मिला।घनी आबादी के बीच डरहार गांव में इस तरह की घटना को अंजाम देकर चोरों का भाग निकलना साहस भरा कार्य हे ,ग्रामीणों को भी इस चुनौती से निपटने के लिये तैयार होना पड़ेगा ,स्थानीय पुलिस को भी ऐसे चोरों की चुनौती स्वीकार करना पड़ेगा ताकि इस मामले का खुलासा हो सके ?दोनों घटनाओं में एक बात कॉमन हे ,काला ड्रेस और बाल काटना ?सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस का साथ नहीं दें रहा हे ,क्यूंकि घटना के वक्त या उसके बाद तक किसी के आने जाने का फोटो नहीं दिख रहा हे।
स्थानीय पुलिस को लगातार बाल कट्टा गिरोह का चोर चुनौती दें रहा हे ,पुलिस को थोड़ा बारीकी से भी पुलिसिंग करने के जरूरत हे ,पहली घटना में बहादुरपुर थाना पुलिस को पहला फोन किसने किया ,बार बार फोन कौन किया ,इस बिंदु पर भी बारीकी से अनुसंधान करना जरूरी हे क्यूंकि काले ड्रेस के पीछे कहीं काले जादू का प्रकोप तो नहीं ,क्यूंकि सवाल यही हे कि क्या डरहार गांव में सिर्फ बाल काटने के लिये काले ड्रेस में चोर आकर घटना को अंजाम देकर गायब हो जाते हे ,कहीं ऐसा तो नहीं कि पहले घटना के समर्थन में इस घटना को अंजाम दिया गया हो।हालांकि जिला के सभी पुलिस पदाधिकारी हैरत में हे कि बालकट्टा अपराधी कौन हे ,जो सघन बस्ती में आकर इस तरह की घटना को अंजाम देकर गायब हो जाता हे।
गांव में अब चर्चा यह भी है कि आखिर यह कैसा चोर है, जिसे न नकदी की चिंता है, न जेवर की, बल्कि बालों में ही दिलचस्पी है! कुछ लोग इसे अंधविश्वास और काले जादू से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे किसी शरारती या मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति की करतूत मान रहे हैं।