वरीय पुलिस अधीक्षक के मासिक अपराध गोष्ठी में लंबित कांडों की समीक्षा, शराब तस्करों, नशे के कारोबारियों और सक्रिय अपराधियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

 जिले में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय में जून 2026 की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता वरीय पुलिस अधीक्षक ने की। इसमें नगर पुलिस अधीक्षक, सहायक पुलिस अधीक्षक, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, साइबर, यातायात, मुख्यालय एवं रक्षित पुलिस उपाधीक्षक, सभी अंचल पुलिस निरीक्षक, थानाध्यक्ष और शाखा प्रभारी शामिल हुए।

बैठक में जिले के सभी थानों के लंबित मामलों के साथ हत्या, डकैती, लूट, दहेज हत्या समेत विभिन्न संगीन अपराधों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन तथा अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

एसएसपी ने आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। साथ ही आचरण प्रमाण पत्र के लंबित मामलों का समय पर निष्पादन करने और ई-समन, वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की के निष्पादन में तेजी लाने को कहा।

बैठक में नशीले पदार्थों और अवैध ड्रग्स की बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों और शराब तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखने के साथ-साथ जिले में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

यातायात दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में आई-रैड (iRAD) और ई-डीएआर (e-DAR) पोर्टल पर समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा मिल सके। इसके अलावा सभी थानाध्यक्षों को सक्रिय अपराधियों का विवरण गुंडा पंजी में अद्यतन रखने तथा महत्वपूर्ण मामलों के वीडियो साक्ष्य ई-साक्ष्य ऐप पर नियमानुसार अपलोड करने का निर्देश दिया गया।

एसएसपी ने सभी थाना क्षेत्रों में नियमित गश्ती और विशेष अभियान चलाने, डायल-112 पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने तथा न्यायालय से प्राप्त परिवाद पत्रों पर अविलंब प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि थाना आने वाले फरियादियों के साथ शालीन व्यवहार किया जाए और उनकी शिकायतों पर त्वरित एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक के अंत में सभी थानाध्यक्षों को प्रतिदिन सुबह थाना स्तर पर पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा एवं टास्किंग करने का निर्देश दिया गया, ताकि अपराध नियंत्रण की रणनीति प्रभावी ढंग से लागू हो सके।