दरभंगा जिला अंतर्गत पतोर थाना क्षेत्र में हुई बम धमाके के दौरान घायल हुये  मजदूर रामबाबू पासवान की इलाज के दौरान मौत, सड़क पर फूटा जनाक्रोश,
मुआवजे और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चंदनपट्टी चौक जाम, पुलिस हर पहलू की कर रही जांच

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

दरभंगा जिले में हुए रहस्यमयी बम धमाके ने बुधवार को सबसे दर्दनाक मोड़ ले लिया। धमाके में गंभीर रूप से घायल मजदूर रामबाबू पासवान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर चंदनपट्टी चौक को जाम कर दिया।

ग्रामीणों ने लहेरियासराय–बहेड़ी मुख्य पथ तथा देकुली–सिसौनी मार्ग पर बांस-बल्ला लगाकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाने का प्रयास शुरू किया,घंटों मशक्कत के बाद सड़क जाम खत्म कराया गया।

बताया जाता है कि कुछ दिन पहले निर्माणाधीन चहारदीवारी के समीप एक झोले में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाके की चपेट में आकर दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को पहले इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि डीएमसीएच में समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने के कारण रामबाबू की हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर किया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दूसरे घायल मजदूर का इलाज अभी जारी है।

रामबाबू की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि मृतक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

घटना को लेकर अभी भी कई सवाल बरकरार हैं। आखिर निर्माणाधीन चहारदीवारी के पास झोले में विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंची? क्या यह किसी जमीन विवाद से जुड़ा मामला है, या इसके पीछे कोई और साजिश छिपी है? इन तमाम बिंदुओं को लेकर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

सड़क जाम के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय, उचित मुआवजा और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को निष्पक्ष जांच और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य कराने की कोशिश की गई।

रामबाबू पासवान की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अब इस रहस्यमयी बम धमाके को लेकर लोगों की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर इस दर्दनाक हादसे का जिम्मेदार कौन है, पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा और इस विस्फोट के पीछे छिपा पूरा सच आखिर कब सामने आएगा।