बिरौल और कुशेश्वर स्थान में प्रशासन का बड़ा एक्शन,अवैध रूप से संचालित जेपी हॉस्पिटल और एनआईसीयू और पैथोलॉजी क्लिनिक सील
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल/कुशेश्वरस्थान।
दरभंगा जिले के बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने और अवैध क्लिनिकों पर नकेल कसने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) शशांक राज ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान कई निजी अस्पतालों में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें सील कर दिया।
एसडीओ शशांक राज ने बिरौल के खोड़ागाछी रोड स्थित जेपी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक योगेन्द्र प्रसाद यादव और प्रधान लिपिक सुशील कुमार मिश्रा भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन से संचालन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन संचालक कोई भी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में विफल रहे। इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीओ के निर्देश पर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
वहीं, कुशेश्वर स्थान के बेर चौक स्थित वरदान हॉस्पिटल में भी भारी खामियां पाई गईं। जांच के दौरान पता चला कि अस्पताल का एनआईसीयू और पैथोलॉजी क्लिनिक पूरी तरह अवैध रूप से संचालित हो रहे थे। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि मौके पर कोई भी चिकित्सक उपस्थित नहीं था।
निरीक्षण के बाद एसडीएम शशांक राज ने बताया कि वरदान हॉस्पिटल की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) 16 जुलाई तक वैध है, इसके अलावा अस्पताल में फायर सेफ्टी मानकों और मरीजों के लिए जरूरी सुविधाओं का भी घोर अभाव पाया गया।
एसडीओ ने अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल में भर्ती मरीजों को एक सप्ताह के भीतर डिस्चार्ज करने का आदेश देते हुए चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरव आनंद को अवैध रूप से चल रहे एनआईसीयू एवं पैथोलॉजी को तत्काल सील करने का निर्देश। प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से अवैध रूप से अस्पताल चलाने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया है। एसडीओ ने स्पष्ट किया है कि मानक के विपरीत संचालित होने वाले किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
