अनियमितताओं के आरोप में ग्रामीणों का हंगामा, प्रधानाध्यापक को बनाया बंधक, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन।

दस्तक 7 मीडिया कुशेश्वरस्थान।

कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय समौरा में सोमवार को विद्यालय में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय परिसर पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन करते हुए धरना पर बैठ गए। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने प्रधानाध्यापक जय प्रकाश गुप्ता को विद्यालय परिसर में ही रोक लिया, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) प्रिंस झा ने तत्काल मध्याह्न भोजन (एमडीएम) प्रभारी श्रवण कुमार को विद्यालय भेजा। एमडीएम प्रभारी ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया और प्रधानाध्यापक को ग्रामीणों के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि इसके बाद भी ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और धरना जारी रखा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रभा शंकर मिश्रा तथा बीईओ प्रिंस झा स्वयं विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने धरनारत ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। ग्रामीणों में राजू रमण भारती, राधेश्याम कुमार साह, महेश कुमार, फुलेश्वर साह, धर्म दास, अमरजीत साह, सुधीर कुमार, मिथुन कुमार साह, दयानंद शर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि दो दिन पूर्व विद्यालय के मध्याह्न भोजन में छात्रों को परोसे गए भोजन में कीड़ा (पिल्लू) मिला था। इसकी लिखित शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा विद्यालय में वरिष्ठता एवं कनीयता से जुड़े विवाद को लेकर भी कई बार प्रखंड एवं जिला स्तर पर आवेदन देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक और उनकी पत्नी दोनों कार्यरत हैं, जिससे निष्पक्ष प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। साथ ही कुछ ग्रामीणों ने बीईओ पर भी गंभीर आरोप लगाए कि प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने के पीछे कथित आर्थिक लेन-देन का मामला है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया।
काफी देर तक चली वार्ता के बावजूद ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक कोई वरीय प्रशासनिक अधिकारी अथवा एसडीओ मौके पर नहीं पहुंचते और प्रधानाध्यापक के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
इस संबंध में बीडीओ प्रभा शंकर मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायतों से संबंधित प्रतिवेदन विभाग को भेज दिया गया है। वहीं बीईओ प्रिंस झा ने कहा कि मामले की सूचना जिला शिक्षा कार्यालय को दे दी गई है तथा जिला स्तर से जांच टीम गठित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बीईओ ने अपने ऊपर लगाए गए रुपये लेने के आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया।
फिलहाल विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित है और प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास में जुटा हुआ है। अब सभी की निगाहें जिला स्तर पर होने वाली जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हैं।