बिरौल थाना में राजस्व अधिकारी सह दंडाधिकारी ने ली प्रशिक्षण, जमीन विवाद और अपहरण के मामलों पर जताई चिंता

दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

गौड़ा बौराम अंचल की राजस्व अधिकारी (RO) प्रियंका पांडेय ने क्षेत्र प्रशिक्षण के तहत शुक्रवार को बिरौल थाना पहुंची। एक दंडाधिकारी के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए, सुश्री पांडेय ने न केवल पुलिसिंग कार्यप्रणाली की बारीकियों को समझा, बल्कि भूमि विवादों के समाधान, शांति व्यवस्था और आपसी समन्वय से जुड़े मुख्य विन्दु कि जानकारी प्राप्त की। इस दौरान, राजस्व अधिकारी ने थाना के ओडी प्रभारी एसआई पंकज कुमार के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने थाना में रखे ‘आगंतुक पंजी’ का गहन अवलोकन किया और पंजी में दर्ज शिकायतों पर पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की। अपनी प्रशिक्षण के दौरान सुश्री पांडेय ने थाना परिसर में मौजूद पीड़ित महिला और पुरुषों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। पंजी के आंकड़ों और लोगों से मिली शिकायतों के विश्लेषण के बाद उन्होंने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया कि थाना क्षेत्र में भूमि विवाद से जुड़े मामले अब भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। राजस्व अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिरौल में जमीन विवाद के अलावा, लड़कियों के अपहरण से जुड़े मामलों की संख्या चिंताजनक रूप से अधिक है। इसका मतलब है कि इस क्षेत्र की ड़कियां पढ़ाई पर ध्यान नही देती है।
प्रशिक्षण के हिस्से के रूप में, सुश्री पांडेय ने थाना भवन की अवसंरचना और उसके भीतर की कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया। उन्होंने थाने की आंतरिक व्यवस्था और पुलिस बल द्वारा मामलों के निपटारे में अपनाई जा रही प्रक्रिया को बहुत करीब से परखा।
मालूम हो कि क्षेत्र प्रशिक्षण के दौरान राजस्व अधिकारी/सर्किल अधिकारी को थाने में संधारित भूमि विवाद पंजी की जांच करना। इसमें दर्ज पुराने और नए विवादों,विवादित पक्षों के विवरण और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी लेना, राजस्व और पुलिस अधिकारियों के बीच तालमेल की प्रक्रिया को समझना सहित कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना मुख्य है।