दरभंगा, अपहरण का सनसनीखेज मामला, महिला के बच्चों संग थाना पहुंचने पर आया नया मोड़,अधिवक्ता संघ पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग।

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र से सामने आए एक कथित अपहरण के मामले में मंगलवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब जिस महिला और उनके दोनों बच्चों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी, वे खुद सकुशल थाना पहुंच गए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
सोनपुर निवासी अमरनाथ पासवान ने बिरौल थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी रंजन देवी और उनके दो बच्चे स्पर्श कुमार (12 वर्ष) और नितेश कुमार (8 वर्ष), 17 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे घर का सामान खरीदने सुपौल बाजार गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अमरनाथ पासवान ने अपनी शिकायत में गांव के ही आलोक कुमार पासवान और अशोक पासवान (पिता, पुत्र)
पर पत्नी और बच्चों के अपहरण का गंभीर संदेह जताया था।
घटनाक्रम के 12 दिन बाद, मंगलवार को जब रंजन देवी अपने दोनों बच्चों के साथ खुद थाना पहुंचीं, तो स्थानीय बार एसोसिएशन के वकीलों का एक शिष्टमंडल बिरौल थानाध्यक्ष से मिलने पहुंचा।
बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता छन्नु बाबू, शंकर कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह, निजामुद्दीन अंसारी और गंगा पासवान ने संयुक्त रूप से बताया कि इस मामले (कांड संख्या 442/26) में पुलिस ने बिना किसी ठोस जांच-पड़ताल के जल्दबाजी में एफआईआर दर्ज कर ली। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि ग्रामीण राजनीति के चलते बार एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ता अशोक कुमार पासवान और उनके पुत्र आलोक कुमार पासवान को इस मामले में साजिश के तहत फंसाया गया है।
हालांकि, थानाध्यक्ष से मुलाकात नहीं हो सकी क्योंकि वे किसी विशेष कार्य से बाहर थे, लेकिन अधिवक्ताओं ने स्पष्ट रूप से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अधिवक्ताओं का कहना है कि रंजन देवी के स्वयं थाना आने से यह साफ हो गया है कि अपहरण का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित था।
फिलहाल, महिला और बच्चों के सुरक्षित मिलने से एक तरफ जहां परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय अधिवक्ता संघ ने मामले की गहन जांच कर निर्दोषों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दबाव बना दिया है। फिलहाल रंजन देवी और उनके दोनों पुत्र को महिला पुलिस पदाधिकारी के देखरेख रखा गया है। जिसे बयान के लिए न्यायालय में प्रस्तुत कराया जाएगा।