बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़, STF समेत पुलिस की बड़ी कार्रवाई; कई जिलों से आरोपी गिरफ्तार

दस्तक 7मीडिया /पटना 

केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) द्वारा जून 2026 के मध्य आयोजित मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले एक बड़े अंतरजिला गिरोह का बिहार एसटीएफ (STF) और विभिन्न जिलों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में भंडाफोड़ किया है। भागलपुर, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पटना समेत कई जिलों में छापेमारी कर गिरोह से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, अभ्यर्थियों के दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, भागलपुर में बिहार एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों कुंदन कुमार उर्फ देव सर, देव कुमार और दिलीप कुमार को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में इस सिंडिकेट का संबंध कुख्यात “गोल्डन गिरोह” से जुड़ा होने की बात सामने आई है।

वहीं बेगूसराय में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें बिहार मिलिट्री पुलिस (BMP) का एक जवान और एक यूट्यूबर शिक्षक भी शामिल बताया जा रहा है। मुजफ्फरपुर के एक परीक्षा केंद्र पर नकल करते पकड़े गए अभ्यर्थी की निशानदेही पर पुलिस ने मुख्य सरगना संजय कुमार सिंह उर्फ रंजन सिंह को पटना से गिरफ्तार किया। इधर दरभंगा में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने और फर्जीवाड़ा करने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।

हाईटेक तरीके से कराते थे नकल

जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह अभ्यर्थियों से तीन से दस लाख रुपये तक वसूलता था। इसके बदले उन्हें ब्लूटूथ ट्रांसमीटर लगी विशेष चप्पलें, सिम कार्ड और कान के अंदर आसानी से छिप जाने वाले सूक्ष्म माइक्रो इयरबड उपलब्ध कराए जाते थे। परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद गिरोह के सदस्य वॉकी-टॉकी और मोबाइल फोन के माध्यम से प्रश्नपत्र की जानकारी प्राप्त कर सॉल्वर से उत्तर तैयार कराते थे और फिर अभ्यर्थियों को कान में उत्तर बोलकर लिखवाते थे।

भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 38 से अधिक वॉकी-टॉकी, लैपटॉप, राउटर, ब्लूटूथ युक्त चप्पलें, माइक्रो इयरबड्स, अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज, कई एडमिट कार्ड, ब्लैंक चेक तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

जांच जारी, बढ़ सकती है गिरफ्तारियां

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित अंतरजिला नेटवर्क है, जिसके तार राज्य के कई जिलों से जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और लाभार्थी अभ्यर्थियों की पहचान की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।