पूर्णिया :पदभार संभालते ही एक्शन में एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन, 26 पुलिसकर्मियों का वेतन रोका

दस्तक 7मीडिया /

पूर्णिया के पहले वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के रूप में पदभार ग्रहण करने वाले आईपीएस अधिकारी डॉ. शौर्य सुमन ने कार्यभार संभालते ही सख्त प्रशासनिक तेवर दिखाए हैं। सोमवार को प्रभार लेने के महज 12 घंटे के भीतर उन्होंने कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले 26 पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया है। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार एसएसपी कार्यालय की समीक्षा के दौरान 26 पुलिसकर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए डॉ. सुमन ने संबंधित कर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. शौर्य सुमन ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई तथा आम लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई।

नव नियुक्त एसएसपी ने विशेष रूप से स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों और उनके नेटवर्क को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।

जनसुनवाई और फरियादियों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी उन्होंने जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए और पुलिस-जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया जाए।

गौरतलब है कि डॉ. शौर्य सुमन पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर रह चुके हैं और बाद में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए। इससे पूर्व वे जमुई तथा पश्चिम चंपारण (बेतिया) में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी प्रभावी कार्यशैली के लिए चर्चित रहे हैं।

हाल ही में बिहार सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत पूर्णिया को पहली बार एसएसपी जिला का दर्जा दिया गया है। डॉ. शौर्य सुमन इस जिले के पहले एसएसपी बने हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार से शिष्टाचार मुलाकात कर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय को लेकर चर्चा की।

पुलिस महकमे में उनकी शुरुआती कार्रवाई को अनुशासन स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों और कर्मियों के बीच यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंच गया है कि नई व्यवस्था में लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं होगी।