दरभंगा पुलिस केंद्र में गूंजा गौरव का स्वर: 230 प्रशिक्षु सिपाहियों ने पास की अंतिम परीक्षा, दीक्षांत समारोह में मिली नई जिम्मेदारी,

डीआईजी ने ली भव्य पारण परेड की सलामी, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु सिपाही हुए सम्मानित

दस्तक 7मीडिया /गुड्डू राज 

पुलिस केंद्र, दरभंगा का परेड ग्राउंड मंगलवार को उस ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, जब लगभग एक वर्ष की कठिन ट्रेनिंग, अनुशासन और समर्पण की कसौटी पर खरे उतरने वाले 230 प्रशिक्षु सिपाहियों ने सफलतापूर्वक अपना बुनियादी प्रशिक्षण पूरा किया। दीक्षांत समारोह-सह-पारण परेड के दौरान प्रशिक्षुओं ने शानदार मार्चपास्ट, अनुशासित कदमताल और प्रभावशाली प्रदर्शन के माध्यम से यह साबित कर दिया कि वे अब बिहार पुलिस की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

वर्ष 2025 में नवादा जिला बल में नियुक्त इन प्रशिक्षु सिपाहियों का प्रशिक्षण जुलाई 2025 से दरभंगा में प्रारंभ हुआ था। निर्धारित प्रशिक्षण अवधि पूरी होने के बाद मंगलवार को पुलिस केंद्र के परेड मैदान में भव्य समारोह आयोजित किया गया।

समारोह में मिथिला क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मनोज कुमार तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जिला पदाधिकारी कौशल कुमार , वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी  नगर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार , ग्रामीण पुलिस अधीक्षक दीक्षा कुमारी समेत कई वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि ने पारण परेड का निरीक्षण किया और प्रशिक्षु सिपाहियों की अनुशासनबद्ध प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही, सेवा और विश्वास का दायित्व भी है। उन्होंने नवप्रशिक्षित जवानों से ईमानदारी, संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता के साथ सेवा करने का आह्वान किया।

ड्रिल से दंगा नियंत्रण तक मिला व्यापक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान जवानों को ड्रिल, परेड, सलामी, शस्त्र संचालन, दंगा नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, कानून-व्यवस्था संधारण, अपराध नियंत्रण, जनसंपर्क और पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उन्हें संविधान, दंड प्रक्रिया, पुलिस आचरण और जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की भी जानकारी दी गई।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को मिला सम्मान

समारोह के दौरान प्रशिक्षण के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु सिपाहियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले प्रशिक्षुओं की सूची इस प्रकार है—

परेड एवं नेतृत्व श्रेणी

* प्रथम परेड कमांडर – प्रशिक्षु सिपाही/1912 शुभम कुमार
* द्वितीय परेड कमांडर – प्रशिक्षु सिपाही/1558 हर्षवर्धन कुमार

प्लाटून कमांडर श्रेणी

* प्रथम प्लाटून कमांडर – प्रशिक्षु सिपाही/1508 सतीश कुमार
* द्वितीय प्लाटून कमांडर – प्रशिक्षु सिपाही/1490 कौशल कुमार
* तृतीय प्लाटून कमांडर – प्रशिक्षु सिपाही/1632 प्रीतम कुमार शर्मा
* चतुर्थ प्लाटून कमांडर – प्रशिक्षु सिपाही/1679 पिंकेश कुमार
* पंचम प्लाटून कमांडर – प्रशिक्षु सिपाही/1770 मनीष कुमार
* षष्ठम प्लाटून कमांडर – प्रशिक्षु सिपाही/1691 गुड्डू कुमार
* सप्तम प्लाटून कमांडर – प्रशिक्षु सिपाही/1878 रामकेश्वर कुमार
* अष्टम प्लाटून कमांडर – प्रशिक्षु सिपाही/1825 जयंत कुमार

विशेष उपलब्धियां

* निशान टोली कमांडर – प्रशिक्षु सिपाही/1874 राहुल कुमार
* संपूर्ण प्रशिक्षण अवधि में सर्वश्रेष्ठ अनुशासन – प्रशिक्षु सिपाही/1651 सकिंदर कुमार
* अंतः एवं बाह्य विषयों की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन – प्रशिक्षु सिपाही/1569 उपदेश कुमार
* बैंड कमांडर – सिपाही/21 नीरज कुमार

परिवारों के लिए गर्व का क्षण

दीक्षांत समारोह में शामिल प्रशिक्षुओं के परिजनों के लिए यह अवसर भावुक और गौरवपूर्ण रहा। कई अभिभावकों की आंखों में खुशी के आंसू दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को वर्दी में देश और समाज की सेवा के लिए तैयार होते देखना उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण है।

कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया तथा सभी नवप्रशिक्षित सिपाहियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। इसके बाद प्रशिक्षु जवानों ने अपने प्रशिक्षकों, अधिकारियों और परिजनों के साथ स्मृति तस्वीरें खिंचवाकर इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इन 230 नवप्रशिक्षित सिपाहियों के पुलिस बल में शामिल होने से बिहार पुलिस की क्षमता, जनसेवा और कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा जनता और पुलिस के बीच विश्वास का रिश्ता और मजबूत होगा।