दरभंगा पुलिस के आईटी प्रोग्रामर पर लगे आरोपों की जांच अधर में, एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उठ रहे सवाल,डीआईजी के आदेश को सीटी एसपी ने दिखाया ठेंगा ,एसएसपी रहे मौन ?
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
दरभंगा पुलिस मुख्यालय में पदस्थापित एक आईटी प्रोग्रामर पर लगे गंभीर आरोपों के मामले में एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पुलिस महकमे के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। आरोप है कि यदि इसी तरह का मामला किसी सिपाही, दरोगा या इंस्पेक्टर से जुड़ा होता, तो अब तक निलंबन और विभागीय कार्रवाई हो चुकी होती। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस मामले में कार्रवाई क्यों नही हुई ???
जानकारी के अनुसार, आईटी प्रोग्रामर मामले के सामने आने के बाद डीआईजी मनोज कुमार तिवारी ने जांच का जिम्मा नगर पुलिस अधीक्षक को सौंपने की बात कही थी। हालांकि अब तक जांच की कोई स्पष्ट रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसी कारण पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
आरोप है कि संबंधित आईटी प्रोग्रामर द्वारा सरकारी नंबर से महिला कर्मियों के साथ आपत्तिजनक चैट और बातचीत की गई थी, जिसके ऑडियो भी वायरल हुए थे। इसके बावजूद अब तक विभागीय कार्रवाई नहीं होने पर महिला पुलिसकर्मियों में नाराजगी बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, बाद में जांच की जिम्मेदारी मुख्यालय डीएसपी को सौंपे जाने की चर्चा भी हुई। वहीं, मुख्यालय डीएसपी ने कथित तौर पर कहा कि महिला कर्मियों से जुड़े मामले की जांच किसी महिला पदाधिकारी द्वारा की जानी चाहिए। जबकि आरोप एक पुरुष कर्मी पर हैं, इसलिए जांच में देरी का कोई ठोस कारण नहीं होना चाहिए।जानकारों का कहना हे कि मुख्यालय डीएसपी का तर्क बेबुनियाद हे।
महिला कर्मियों ने लगाए गंभीर आरोप
सीसीटीएनएस शाखा में कार्यरत कई महिला कर्मियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि संबंधित आईटी प्रोग्रामर द्वारा उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता था। आरोप है कि कथित रूप से निजी संबंध बनाने का प्रयास किया जाता था और विरोध करने पर स्पष्टीकरण पूछने या स्थानांतरण जैसी कार्रवाई का डर दिखाया जाता था।
महिला कर्मियों का कहना है कि यदि एसएसपी कार्यालय के अभिलेखों की जांच की जाए तो यह स्पष्ट हो सकता है कि कितनी महिला कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया और कितनों का स्थानांतरण किया गया।
बताया जाता है कि एक महिला कर्मी ने बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड किया था, जो बाद में वायरल हो गया। सरकारी नंबर पर हुई चैट के स्क्रीनशॉट भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।
अवैध वसूली के भी आरोप
मामले में एक अन्य आरोप यह भी है कि हाल ही में जिले के विभिन्न थानों में कंप्यूटर मैपिंग के कार्य के दौरान प्रति कंप्यूटर 500 रुपये की अवैध वसूली की गई। कुछ थानेदारों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर दावा किया कि उन पर भुगतान के लिए दबाव बनाया गया था। हालांकि इन आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है,और आईटी प्रोग्रामर आरोपों से इनकार कर रहे हे ?
