कुशेश्वरस्थान रेल सेवा बहाली को लेकर महा पंचायत, पक्षी विहार और रेल मंत्रालय पर केस करने का निर्णय

दस्तक 7मीडिया /कुशेश्वरस्थान

सकरी–हसनपुर भाया कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना को शीघ्र शुरू कर रेल सेवा बहाल करने की मांग को लेकर बुधवार को वैष्णवी दुर्गा मंदिर परिसर में एक विशाल महा पंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत कुमार ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता ललितेश्वर पासवान ने की। महा पंचायत में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक दलों के नेताओं तथा बड़ी संख्या में आम लोगों ने भाग लिया।

महा पंचायत को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सकरी से कुशेश्वरस्थान तक रेल परियोजना का अधिकांश कार्य वर्षों पहले पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 के बाद सकरी से कुशेश्वरस्थान तक मिट्टीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया था। वहीं सकरी से हरिनगर तक रेल सेवा भी बहाल हो चुकी है, लेकिन हरिनगर से कुशेश्वरस्थान के बीच लगभग पांच किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण तथाकथित पक्षी विहार के नाम पर आज तक अधर में लटका हुआ है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि कुशेश्वरस्थान से खगड़िया तक केवल मिट्टीकरण ही नहीं, बल्कि कई स्थानों पर रेलवे पुलों का निर्माण भी हो चुका है। इसके बावजूद परियोजना को पूरा नहीं किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लाखों लोग रेल सुविधा से वंचित हैं।

महा पंचायत को संबोधित करते हुए बब्लू पासवान, केवटगामा पंचायत के मुखिया छेदी राय, सरपंच बबन दास, व्यवसायी संघ अध्यक्ष दिलीप सोनी, जदयू नेता गौरव राय, जदयू नेता चंद्रशेखर साह, मुख्य पार्षद शत्रुघ्न पासवान,लोजपा नेता रमेश पासवान और प्रोफेसर शशि नाथ प्रसाद सहित अन्य वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जब कुशेश्वरस्थान में वर्तमान समय में पक्षियों का कोई स्थायी आवास नहीं है, तो फिर किस आधार पर रेलवे द्वारा पूर्व स्वीकृत रेल मार्ग को बदलने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि परियोजना का 85 प्रतिशत से अधिक कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, ऐसे में नई योजना बनाना जनता के धन और समय की बर्बादी है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि तथाकथित पक्षी विहार का हवाला देकर पिछले कई दशकों से क्षेत्र की जनता को रेल सुविधा से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल विकास कार्यों को बाधित करने का बहाना बन गया है, जबकि कुशेश्वरस्थान, बि रौल, बेनीपुर और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों की आवाजाही आज भी सड़क मार्ग पर निर्भर है।
महा पंचायत में सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र ही पूर्व निर्धारित रेल परियोजना पर कार्य शुरू नहीं किया गया तो तथाकथित पक्षी विहार से जुड़े जिम्मेदार पक्षों और रेल मंत्रालय के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा। उपस्थित लोगों ने कहा कि जनता अब और अधिक इंतजार करने के लिए तैयार नहीं है तथा अपने अधिकार और क्षेत्रीय विकास के लिए कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी।
महा पंचायत में राजेश चौपाल, बैजनाथ पासवान, संतोष पोद्दार, मो. मंसूर, कल्पेश्वर पासवान, वार्ड पार्षद तारणी पासवान, सोनू पासवान, पंकज चौधरी, रामशंकर पोद्दार सहित सैकड़ों ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने क्षेत्र की जनता से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर रेल परियोजना की लड़ाई में एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे कुशेश्वरस्थान क्षेत्र के विकास और भविष्य की लड़ाई है।