बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज, हर अंचल में 500 अतिरिक्त पॉलीथीन शीट रखने का निर्देश,सात लोगों की जान बचाने वाले आपदा मित्र सम्मानित
बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज, हर अंचल में 500 अतिरिक्त पॉलीथीन शीट रखने का निर्देश,सात लोगों की जान बचाने वाले आपदा मित्र सम्मानित
बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज, हर अंचल में 500 अतिरिक्त पॉलीथीन शीट रखने का निर्देश,सात लोगों की जान बचाने वाले आपदा मित्र सम्मानित
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
संभावित बाढ़-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में पथ निर्माण मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र ने अधिकारियों को बाढ़ पूर्व सभी आवश्यक इंतजाम समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।
बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने जिले के प्रत्येक अंचल में 500 अतिरिक्त पॉलीथीन शीट उपलब्ध रखने का निर्देश दिया, ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत दी जा सके। इस अवसर पर बाढ़ प्रबंधन एवं राहत कार्यों से संबंधित पुस्तकाकार निर्देशिका का भी विमोचन किया गया।
मंत्री ने पश्चिमी कोशी नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को नहरों का पानी अंतिम छोर तक किसानों के खेतों तक पहुंचाने का निर्देश दिया। वहीं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को जिले के 75 संवेदनशील स्थलों की विधानसभावार सूची तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा। ग्रामीण कार्य विभाग को पुल-पुलियों की समय पर सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि जल निकासी प्रभावित न हो।
नगर निगम को जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए सम्प हाउस निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा सक्शन मशीनों की संख्या बढ़ाने को कहा गया। मंत्री ने कहा कि दरभंगा हर वर्ष जलजमाव की समस्या से प्रभावित होता है, इसलिए समय रहते तैयारी जरूरी है।
बैठक में हाल ही में नदी में डूबने से मृत दो व्यक्तियों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि का चेक भी प्रदान किया गया।
सात लोगों की जान बचाने वाले आपदा मित्र सम्मानित
बैठक का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कीरतपुर अंचल के झगुआरा गांव में 10 जून को हुई नाव दुर्घटना में सात लोगों की जान बचाने वाले आपदा मित्र रमेंद्र कुमार को सम्मानित किया गया। प्रभारी मंत्री ने उनके साहसिक कार्य की सराहना करते हुए उन्हें “देवतुल्य” बताया और उनके नाम की अनुशंसा राज्य आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने कहा कि अपने जीवन की परवाह किए बिना सात लोगों को सुरक्षित बचाना मानवता और साहस का सर्वोच्च उदाहरण है। जिला प्रशासन ने भी रमेंद्र कुमार को जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।