बाल श्रम उन्मूलन में दरभंगा का डंका, राज्य में प्रथम स्थान; उप श्रमायुक्त राकेश रंजन सम्मानित

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में दरभंगा प्रमंडल ने शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए बाल श्रमिकों की विमुक्ति एवं पुनर्वास के क्षेत्र में पूरे बिहार में अपनी अलग पहचान बनाई है। पटना स्थित दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में दरभंगा प्रमंडल के उप श्रमायुक्त राकेश रंजन को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

राज्य स्तरीय मूल्यांकन में दरभंगा प्रमंडल को प्रमंडल स्तर पर प्रथम स्थान मिला, जबकि दरभंगा जिला भी जिला स्तर की रैंकिंग में अव्वल रहा। इसके अलावा बहादुरपुर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी नीतीश कुमार, बहेड़ी की विजेता भारती तथा बेनीपुर के नवचंद्र प्रकाश को प्रखंड स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया।

विशेष बात यह रही कि राज्य के शीर्ष 10 प्रखंडों में से 7 प्रखंड दरभंगा प्रमंडल के रहे, जो बाल श्रम उन्मूलन, बचाव और पुनर्वास कार्यों में क्षेत्र की सक्रियता को दर्शाता है। अधिकारियों ने दरभंगा मॉडल की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

समारोह में बिहार सरकार के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार, उपाध्यक्ष अरविन्द कुमार सिंह समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मान प्रदान किया।

इधर, विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में +2 देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बालिका उच्च विद्यालय, दरभंगा की छात्रा अदिति कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया।

उप श्रमायुक्त राकेश रंजन के नेतृत्व में बाल श्रम से जुड़े मामलों की नियमित मॉनिटरिंग, बचाव अभियान और पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को इस सफलता का प्रमुख आधार माना जा रहा है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इन प्रयासों से भविष्य में भी बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलते रहेंगे।