मुख्यमंत्री आवास विस्तार का फैसला वापस, 5 देशरत्न मार्ग बंगला रहेगा अलग इकाई

पटना, संवाददाता

बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री आवास के विस्तार से जुड़े अपने फैसले को वापस ले लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर भवन निर्माण विभाग ने 5 देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी बंगले को मुख्यमंत्री आवास परिसर में शामिल करने संबंधी पूर्व आदेश रद्द कर दिया है। अब यह बंगला मुख्यमंत्री आवास से अलग एक स्वतंत्र इकाई के रूप में ही संचालित होगा।

मुख्यमंत्री आवास विस्तार को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा था। विपक्षी दलों ने सरकार के इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए इसे अनावश्यक विस्तार करार दिया था। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारीक सिद्दीकी  ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री आवास को देश के प्रधानमंत्री आवास से भी बड़ा बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा था कि उपमुख्यमंत्री के लिए आवंटित 5 देशरत्न मार्ग स्थित बंगले को मुख्यमंत्री आवास में मिलाने का फैसला जनभावनाओं के विपरीत है।

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी  को उनके वर्तमान सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड खाली करने के लिए 15 दिनों का नोटिस जारी किया गया। विपक्ष ने दोनों मामलों को जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री आवास विस्तार को लेकर कई सवाल उठाए।

राजनीतिक विवाद तेज होने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले में हस्तक्षेप किया। उनके निर्देश पर भवन निर्माण विभाग ने पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने अपना पूर्व आवास भी छोड़ दिया है, जिससे विपक्ष के आरोपों को लेकर सरकार ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है।

सरकार के इस फैसले को राजनीतिक विवाद पर विराम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब 5 देशरत्न मार्ग स्थित बंगला मुख्यमंत्री आवास परिसर का हिस्सा नहीं होगा और पूर्व की तरह स्वतंत्र सरकारी आवास के रूप में ही बना रहेगा।